📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Barmer
शिक्षा
बाड़मेर मेडिकल कॉलेज ने रैगिंग जांच में 80 सीनियर छात्रों पर कार्रवाई की
✍️ Amar Ujala · Rajasthan
🗓 01 नव. 2026, 05:45 PM
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रैगिंग की शिकायतों की जांच के बाद बाड़मेर मेडिकल कॉलेज ने 80 सीनियर छात्रों, जिनमें 15 छात्राएँ शामिल हैं, पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की।
राजस्थान के बाड़मेर मेडिकल कॉलेज ने जूनियर छात्रों द्वारा दर्ज कई रैगिंग शिकायतों की आंतरिक जांच पूरी कर ली है। इस जांच में विभिन्न बैचों के सीनियर छात्रों के व्यवहार की जांच की गई, जिसमें उत्पीड़न और अश्लील चैट जैसी शिकायतें शामिल थीं।
कॉलेज प्रशासन ने बताया कि अब 80 सीनियर छात्रों, जिनमें 15 छात्राएँ भी शामिल हैं, के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई के स्वरूप के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी गई, पर यह कदम रैगिंग को रोकने और कैंपस में सम्मानजनक माहौल सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
कॉलेज के अधिकारियों ने कहा कि यह निर्णय भविष्य में ऐसे किसी भी कृत्य को हतोत्साहित करने और रैगिंग के प्रति शून्य सहिष्णुता नीति को सुदृढ़ करने के लिए है। उन्होंने छात्रों से किसी भी अनुचित व्यवहार की तुरंत रिपोर्ट करने का आग्रह किया, यह भरोसा दिलाते हुए कि सभी शिकायतों को उचित रूप से निपटाया जाएगा।
यह कदम भारतीय शैक्षणिक संस्थानों में रैगिंग को लेकर बढ़ती जांच और कड़ी कार्रवाई की प्रवृत्ति के साथ मेल खाता है, जहाँ राष्ट्रीय स्तर पर रैगिंग विरोधी नियमों को सख्ती से लागू करने की अपील की जा रही है।
विवरण में व्यक्तिगत मामलों के बारे में अतिरिक्त जानकारी नहीं दी गई है, और कॉलेज ने आंतरिक अनुशासनात्मक उपायों के अलावा किसी कानूनी कार्रवाई का उल्लेख नहीं किया है।
कॉलेज प्रशासन ने बताया कि अब 80 सीनियर छात्रों, जिनमें 15 छात्राएँ भी शामिल हैं, के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई के स्वरूप के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी गई, पर यह कदम रैगिंग को रोकने और कैंपस में सम्मानजनक माहौल सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
कॉलेज के अधिकारियों ने कहा कि यह निर्णय भविष्य में ऐसे किसी भी कृत्य को हतोत्साहित करने और रैगिंग के प्रति शून्य सहिष्णुता नीति को सुदृढ़ करने के लिए है। उन्होंने छात्रों से किसी भी अनुचित व्यवहार की तुरंत रिपोर्ट करने का आग्रह किया, यह भरोसा दिलाते हुए कि सभी शिकायतों को उचित रूप से निपटाया जाएगा।
यह कदम भारतीय शैक्षणिक संस्थानों में रैगिंग को लेकर बढ़ती जांच और कड़ी कार्रवाई की प्रवृत्ति के साथ मेल खाता है, जहाँ राष्ट्रीय स्तर पर रैगिंग विरोधी नियमों को सख्ती से लागू करने की अपील की जा रही है।
विवरण में व्यक्तिगत मामलों के बारे में अतिरिक्त जानकारी नहीं दी गई है, और कॉलेज ने आंतरिक अनुशासनात्मक उपायों के अलावा किसी कानूनी कार्रवाई का उल्लेख नहीं किया है।