📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Pranjalvsv
राजनीति
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के अपने निर्वाचन क्षेत्र के कार्यक्रम से बैनर हटे, पार्षद पति ने किया विरोध
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 05 नव. 2026, 08:01 AM
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मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के अपने निर्वाचन क्षेत्र के कार्यक्रम से बैनर हटाए गए, जिससे उनके पार्षद पति ने सार्वजनिक रूप से सवाल उठाए।
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के अपने निर्वाचन क्षेत्र में आयोजित हालिया सभा में कई पार्टी बैनर अनुपस्थित पाए गए। आम तौर पर ऐसे कार्यक्रमों में बैनर प्रमुखता से लगे होते हैं, लेकिन इस बार उनका अभाव उपस्थित लोगों ने तुरंत नोट किया।
स्थानीय पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने इस चूक को आश्चर्यजनक बताया, यह कहते हुए कि बैनर उनके रैलियों का अनिवार्य हिस्सा होते हैं। अब तक पार्टी या आयोजन समिति ने बैनर न लगने के कारण पर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं दिया है।
परिस्थिति को और जटिल बनाते हुए, विजयवर्गीय के पति, जो एक पार्षद हैं, ने इस घटना पर सार्वजनिक रूप से सवाल उठाए। पार्षद ने बैनरों की अनुपस्थिति को प्रोटोकॉल का उल्लंघन कहा और इस त्रुटि की जांच की मांग की।
यह मामला राज्य भाजपा के भीतर चर्चा का विषय बन गया है, जहाँ कई सदस्य इस बात पर विचार कर रहे हैं कि यह आंतरिक असंतोष का संकेत है या केवल एक साधारण लॉजिस्टिक त्रुटि। विश्लेषकों का मानना है कि यह घटना आगामी चुनावी गतिविधियों से पहले मंत्री की छवि पर असर डाल सकती है।
अभी तक पार्टी ने कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, और ध्यान इस बात पर है कि अगले कार्यक्रम से पहले सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे या नहीं।
स्थानीय पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने इस चूक को आश्चर्यजनक बताया, यह कहते हुए कि बैनर उनके रैलियों का अनिवार्य हिस्सा होते हैं। अब तक पार्टी या आयोजन समिति ने बैनर न लगने के कारण पर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं दिया है।
परिस्थिति को और जटिल बनाते हुए, विजयवर्गीय के पति, जो एक पार्षद हैं, ने इस घटना पर सार्वजनिक रूप से सवाल उठाए। पार्षद ने बैनरों की अनुपस्थिति को प्रोटोकॉल का उल्लंघन कहा और इस त्रुटि की जांच की मांग की।
यह मामला राज्य भाजपा के भीतर चर्चा का विषय बन गया है, जहाँ कई सदस्य इस बात पर विचार कर रहे हैं कि यह आंतरिक असंतोष का संकेत है या केवल एक साधारण लॉजिस्टिक त्रुटि। विश्लेषकों का मानना है कि यह घटना आगामी चुनावी गतिविधियों से पहले मंत्री की छवि पर असर डाल सकती है।
अभी तक पार्टी ने कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, और ध्यान इस बात पर है कि अगले कार्यक्रम से पहले सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे या नहीं।