📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Stalinjeet Brar
अपराध
श्रीगंगानगर में बैंक अधिकारी पर महिलाओं के समूह ऋण से ₹4.72 लाख निकालने का आरोप
✍️ Amar Ujala · Rajasthan
🗓 07 सित. 2026, 03:02 PM
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ऑपरेशन एक्जीक्यूटिव पर्वत सिंह ने शाखा प्रबंधक की डिजिटल आईडी‑पासवर्ड का उपयोग कर महिलाओं के समूह लोन की ₹4.72 लाख की राशि अन्य खातों में ट्रांसफर करने का आरोप लगा है।
श्रीगंगानगर, राजस्थान के जवाहर नगर थाना क्षेत्र में एक निजी बैंक के ऑपरेशन एक्जीक्यूटिव पर्वत सिंह पर शाखा प्रबंधक की डिजिटल आईडी‑पासवर्ड का दुरुपयोग करने का आरोप लगा है। शिकायत के अनुसार, सिंह ने इस डिजिटल पहचान से महिलाओं के समूह लोन की राशि को अन्य बैंक खातों में स्थानांतरित किया।
विवादित राशि लगभग ₹4.72 लाख है, जो महिला उधारकर्ताओं के समूह ऋण योजना का हिस्सा थी। यह रकम उन खातों में भेजी गई जो मूल उधारकर्ताओं से जुड़ी नहीं थीं, जिससे निधियों के इरादतन हटाने का संकेत मिलता है।
स्थानीय पुलिस और बैंक की आंतरिक ऑडिट टीम ने धन के प्रवाह को ट्रेस करने और उल्लंघन की सीमा निर्धारित करने के लिए जांच शुरू कर दी है। यदि आरोप सिद्ध होते हैं, तो वित्तीय धोखाधड़ी के तहत आपराधिक आरोप लग सकते हैं और आरोपी के खिलाफ वसूली कार्रवाई की जा सकती है।
यह घटना उन महिला उधारकर्ताओं के बीच चिंता उत्पन्न कर रही है, जो अपने आजीविका समर्थन के लिए समूह लोन पर निर्भर हैं, और बैंकिंग संचालन में डिजिटल पहुंच की कड़ी निगरानी की आवश्यकता को उजागर करती है।
विवादित राशि लगभग ₹4.72 लाख है, जो महिला उधारकर्ताओं के समूह ऋण योजना का हिस्सा थी। यह रकम उन खातों में भेजी गई जो मूल उधारकर्ताओं से जुड़ी नहीं थीं, जिससे निधियों के इरादतन हटाने का संकेत मिलता है।
स्थानीय पुलिस और बैंक की आंतरिक ऑडिट टीम ने धन के प्रवाह को ट्रेस करने और उल्लंघन की सीमा निर्धारित करने के लिए जांच शुरू कर दी है। यदि आरोप सिद्ध होते हैं, तो वित्तीय धोखाधड़ी के तहत आपराधिक आरोप लग सकते हैं और आरोपी के खिलाफ वसूली कार्रवाई की जा सकती है।
यह घटना उन महिला उधारकर्ताओं के बीच चिंता उत्पन्न कर रही है, जो अपने आजीविका समर्थन के लिए समूह लोन पर निर्भर हैं, और बैंकिंग संचालन में डिजिटल पहुंच की कड़ी निगरानी की आवश्यकता को उजागर करती है।