📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Syama Prasad Mookerjee Port, Kolkata
मनोरंजन
बेंगलुरु गायिका अभा हंजूरा ने कश्मीर‑राजस्थान को महिलाओं के उत्सव में जोड़ा
✍️ The New Indian Express
🗓 29 अग. 2026, 11:04 AM
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बेंगलुरु स्थित गायक अभा हंजूरा ने कश्मीर और राजस्थान के कलाकारों को जोड़ते हुए महिलाओं के सम्मान में एक संगीत पहल शुरू की है।
बेंगलुरु की गायिका अभा हंजूरा ने "साखियों के गीत" नामक एक संगीत परियोजना शुरू की है, जिसमें कश्मीर और राजस्थान के कलाकारों को जोड़कर महिलाओं के सम्मान को उजागर किया गया है। इस पहल में दोनों क्षेत्रों की लोक धुनों को समकालीन अरेंजमेंट के साथ प्रस्तुत किया जाएगा, जिससे प्रत्येक क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत की सच्ची झलक मिलेगी।
द न्यू इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, इस परियोजना का उद्देश्य महिलाओं की दृढ़ता और सशक्तिकरण की कहानियों को संगीत के माध्यम से एक पुल बनाना है, जिससे भाषा और भौगोलिक सीमाओं को पार किया जा सके। अभा ने कश्मीर और राजस्थान के गायक‑वादकों को सावधानीपूर्वक चुना है, ताकि प्रत्येक क्षेत्र की संगीत परंपरा का सही प्रतिनिधित्व हो सके।
पहला कार्यक्रम इस महीने के अंत में बेंगलुरु में आयोजित होगा, साथ ही स्रीनगर और जयपुर में भी लाइव प्रसारण होगा। आयोजकों का मानना है कि यह कार्यक्रम सांस्कृतिक आदान‑प्रदान को बढ़ावा देगा और महिलाओं की कहानियों को राष्ट्रीय स्तर पर उजागर करने वाले समान सहयोगों को प्रेरित करेगा।
यह पहल सांस्कृतिक संस्थाओं और महिला संगठनों का ध्यान आकर्षित कर चुकी है, जो इसे लिंग समानता पर चल रही चर्चा के बीच एक सार्थक श्रद्धांजलि मानते हैं। अभा ने बताया कि यह परियोजना राजनीतिक बयान नहीं बल्कि कलाकारों के बीच एकजुटता और सम्मान का उत्सव है।
कार्यक्रम की विस्तृत समय-सारिणी और भाग लेने वाले कलाकारों की सूची जल्द ही जारी की जाएगी।
द न्यू इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, इस परियोजना का उद्देश्य महिलाओं की दृढ़ता और सशक्तिकरण की कहानियों को संगीत के माध्यम से एक पुल बनाना है, जिससे भाषा और भौगोलिक सीमाओं को पार किया जा सके। अभा ने कश्मीर और राजस्थान के गायक‑वादकों को सावधानीपूर्वक चुना है, ताकि प्रत्येक क्षेत्र की संगीत परंपरा का सही प्रतिनिधित्व हो सके।
पहला कार्यक्रम इस महीने के अंत में बेंगलुरु में आयोजित होगा, साथ ही स्रीनगर और जयपुर में भी लाइव प्रसारण होगा। आयोजकों का मानना है कि यह कार्यक्रम सांस्कृतिक आदान‑प्रदान को बढ़ावा देगा और महिलाओं की कहानियों को राष्ट्रीय स्तर पर उजागर करने वाले समान सहयोगों को प्रेरित करेगा।
यह पहल सांस्कृतिक संस्थाओं और महिला संगठनों का ध्यान आकर्षित कर चुकी है, जो इसे लिंग समानता पर चल रही चर्चा के बीच एक सार्थक श्रद्धांजलि मानते हैं। अभा ने बताया कि यह परियोजना राजनीतिक बयान नहीं बल्कि कलाकारों के बीच एकजुटता और सम्मान का उत्सव है।
कार्यक्रम की विस्तृत समय-सारिणी और भाग लेने वाले कलाकारों की सूची जल्द ही जारी की जाएगी।