📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Nilimajhapate
धर्म
उज्जैन में अमावस्या पर भस्म से उभरा बाबा महाकाल, चांदी के मुकुट से सजा
✍️ Amar Ujala · Ujjain
🗓 10 अक्टू. 2026, 07:31 AM
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अमावस्या की रात भस्म से निकले बाबा महाकाल की प्रतिमा को चांदी के मुकुट व मुंडमाला से सजाया गया, जिससे मंदिर में ‘जय श्री महाकाल’ की गूंज सुनाई दी।
उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर ने अमावस्या की रात एक विशेष अनुष्ठान किया, जिसमें बाबा महाकाल की प्रतिमा को भस्म के ढेर से निकाला गया। इस भस्म से उभारी गई प्रतिमा ही शाम की मुख्य आकर्षण बनी।
प्रतिमा को चांदी के मुकुट और पारंपरिक मुंडमाला से सजा कर विशेष शृंगार किया गया। ये सजावट दर्शकों के सामने ही की गई, जिससे देवता के प्रति श्रद्धा का भाव स्पष्ट हुआ।
भक्तों ने “जय श्री महाकाल” के जयकारे लगाकर मंदिर परिसर को गूंजते स्वर में भर दिया। इस सामूहिक जयघोष ने पवित्र वातावरण को और अधिक पवित्र बना दिया।
शृंगार समाप्त होने के बाद प्रतिमा को फिर से भस्म में रमाया गया, जिससे इस पावन रात के अनुष्ठान का समापन हुआ।
प्रतिमा को चांदी के मुकुट और पारंपरिक मुंडमाला से सजा कर विशेष शृंगार किया गया। ये सजावट दर्शकों के सामने ही की गई, जिससे देवता के प्रति श्रद्धा का भाव स्पष्ट हुआ।
भक्तों ने “जय श्री महाकाल” के जयकारे लगाकर मंदिर परिसर को गूंजते स्वर में भर दिया। इस सामूहिक जयघोष ने पवित्र वातावरण को और अधिक पवित्र बना दिया।
शृंगार समाप्त होने के बाद प्रतिमा को फिर से भस्म में रमाया गया, जिससे इस पावन रात के अनुष्ठान का समापन हुआ।