📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Anchal lilhare
धर्म
उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में भस्म आरती में बाबा महाकाल को भांग, बेलपत्र व त्रिपुंड से सजा कर पूजा
✍️ Amar Ujala · Ujjain
🗓 19 अग. 2026, 07:36 AM
👁 6
उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में श्रावण शुक्ल पक्ष की सप्तमी को भस्म आरती के दौरान बाबा महाकाल को भांग, बेलपत्र, त्रिपुंड, चांदी का मुकुट और मोगरे की माला से सजा कर पूजा किया गया।
उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में श्रावण शुक्ल पक्ष की सप्तमी को बुधवार सुबह भस्म आरती का आयोजन किया गया। इस पवित्र अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु सुबह-सुबह एकत्र हुए, क्योंकि यह मंदिर के वार्षिक कैलेंडर में एक प्रमुख अनुष्ठान है।
आरती के दौरान बाबा महाकाल को पंचामृत अभिषेक दिया गया, जिसके बाद पुजारी ने उन्हें भांग, बेलपत्र और त्रिपुंड से सजाया। चांदी का मुकुट सिर पर रखा गया और मोगरे की ताज़ी माला से श्रृंगार पूरा किया गया।
भस्म आरती में भाग लेने वाले भक्तों ने भजन गाए और प्रार्थनाएँ अर्पित कीं, जिससे वातावरण में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हुआ। आयोजकों ने सभी प्रथा‑परम्पराओं का कड़ाई से पालन किया, जिससे इस आयोजन की सांस्कृतिक और धार्मिक महत्ता स्पष्ट हुई।
मंदिर प्रबंधन ने बताया कि आरती बिना किसी बाधा के संपन्न हुई और श्रद्धालुओं ने इस अवसर को उज्जैन को प्रमुख तीर्थस्थल के रूप में पुनः स्थापित करने के रूप में सराहा।
आरती के दौरान बाबा महाकाल को पंचामृत अभिषेक दिया गया, जिसके बाद पुजारी ने उन्हें भांग, बेलपत्र और त्रिपुंड से सजाया। चांदी का मुकुट सिर पर रखा गया और मोगरे की ताज़ी माला से श्रृंगार पूरा किया गया।
भस्म आरती में भाग लेने वाले भक्तों ने भजन गाए और प्रार्थनाएँ अर्पित कीं, जिससे वातावरण में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हुआ। आयोजकों ने सभी प्रथा‑परम्पराओं का कड़ाई से पालन किया, जिससे इस आयोजन की सांस्कृतिक और धार्मिक महत्ता स्पष्ट हुई।
मंदिर प्रबंधन ने बताया कि आरती बिना किसी बाधा के संपन्न हुई और श्रद्धालुओं ने इस अवसर को उज्जैन को प्रमुख तीर्थस्थल के रूप में पुनः स्थापित करने के रूप में सराहा।