📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Prime Minister's Office
स्वास्थ्य
आयुष्मान योजना में नई शर्त: बिना NABH मान्यता वाले अस्पतालों को नहीं मिलेगा इलाज, MP के 300 अस्पताल जोखिम में
✍️ Bhaskar English
🗓 01 अक्टू. 2026, 10:02 AM
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आयुष्मान योजना अब बिना NABH मान्यता वाले अस्पतालों को इलाज नहीं देगा, जिससे मध्य प्रदेश के लगभग 300 अस्पतालों को बाहर होने का खतरा है।
केंद्रीय सरकार ने आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएम‑जॉय) के तहत अस्पतालों के लिए नई पात्रता शर्त जारी की है। अब केवल राष्ट्रीय मान्यता बोर्ड (NABH) से प्रमाणित संस्थानों को ही योजना के लाभार्थियों को नकद‑रहित इलाज प्रदान करने की अनुमति होगी।
मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, इस नियम से लगभग 300 निजी और चैरिटेबल अस्पताल प्रभावित हो सकते हैं, जो वर्तमान में आयुष्मान के बड़े हिस्से को सेवा देते हैं लेकिन NABH मान्यता नहीं रखते। इन अस्पतालों को नेटवर्क से बाहर किया जा सकता है, जिससे मरीजों को इन जगहों पर मुफ्त इलाज नहीं मिलेगा।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने अनुपालन की समयसीमा नहीं बताई है, पर अस्पतालों से अपेक्षा की गई है कि वे शीघ्र ही प्रमाणन प्रक्रिया शुरू करें ताकि सेवा में कोई बाधा न आए।
यदि अस्पताल इस नए मानक को पूरा नहीं कर पाते हैं, तो आयुष्मान योजना केवल NABH‑प्रमाणित संस्थानों में ही इलाज कवर करेगी, जिससे सार्वजनिक‑निजी स्वास्थ्य प्रणाली में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के सरकारी लक्ष्य को बल मिलेगा।
मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, इस नियम से लगभग 300 निजी और चैरिटेबल अस्पताल प्रभावित हो सकते हैं, जो वर्तमान में आयुष्मान के बड़े हिस्से को सेवा देते हैं लेकिन NABH मान्यता नहीं रखते। इन अस्पतालों को नेटवर्क से बाहर किया जा सकता है, जिससे मरीजों को इन जगहों पर मुफ्त इलाज नहीं मिलेगा।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने अनुपालन की समयसीमा नहीं बताई है, पर अस्पतालों से अपेक्षा की गई है कि वे शीघ्र ही प्रमाणन प्रक्रिया शुरू करें ताकि सेवा में कोई बाधा न आए।
यदि अस्पताल इस नए मानक को पूरा नहीं कर पाते हैं, तो आयुष्मान योजना केवल NABH‑प्रमाणित संस्थानों में ही इलाज कवर करेगी, जिससे सार्वजनिक‑निजी स्वास्थ्य प्रणाली में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के सरकारी लक्ष्य को बल मिलेगा।