📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Ayush
शिक्षा
तेलंगाना में आयुष छात्रों ने उच्च स्टाइपेंड की मांग में प्रदर्शन किया
✍️ Telangana Today
🗓 21 अग. 2026, 01:48 AM
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तेलंगाना के आयुष छात्रों ने बढ़ते जीवनयापन खर्च को देखते हुए स्टाइपेंड में वृद्धि की मांग करते हुए प्रदर्शन किया।
तेलंगाना के आयुष (आयुर्वेद, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी) मेडिकल छात्रों ने गुरुवार को राज्य स्वास्थ्य विभाग के बाहर इकट्ठा होकर अपने मासिक स्टाइपेंड में वृद्धि की मांग की। छात्रों का कहना है कि मौजूदा भत्ता आवास, भोजन और अध्ययन सामग्री जैसे मूलभूत खर्चों को पूरा करने में असमर्थ है। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्रालय को एक औपचारिक याचिका प्रस्तुत की, जिसमें महंगाई दर के अनुसार भत्ता बढ़ाने की अपील की गई है।
प्रदर्शन शांति पूर्ण रहा, प्रतिभागियों ने पर्चे पकड़े और ऐसे नारे लगाए जो प्रशिक्षु छात्रों पर आर्थिक दबाव को उजागर करते थे। छात्र प्रतिनिधियों ने बताया कि वे विश्वविद्यालय अधिकारियों के साथ कई हफ्तों से संवाद में हैं, पर अभी तक कोई ठोस उत्तर नहीं मिला है।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने चिंताओं को स्वीकार किया और कहा कि इस मुद्दे की समीक्षा आगामी बजट बैठक में की जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि किसी भी निर्णय में राज्य की वित्तीय सीमाओं को ध्यान में रखते हुए भविष्य के स्वास्थ्य कर्मियों को समर्थन देने का प्रयास किया जाएगा।
यह प्रदर्शन भारत भर में आयुष प्रशिक्षु छात्रों के बीच बढ़ती असंतुष्टि को दर्शाता है, जो अक्सर अपने अनिवार्य इंटर्नशिप के दौरान सीमित भत्ते पर निर्भर होते हैं। इस मुद्दे पर अन्य राज्यों में नीति संशोधन की संभावनाओं को देखते हुए सभी पक्ष बारीकी से देख रहे हैं।
प्रदर्शन शांति पूर्ण रहा, प्रतिभागियों ने पर्चे पकड़े और ऐसे नारे लगाए जो प्रशिक्षु छात्रों पर आर्थिक दबाव को उजागर करते थे। छात्र प्रतिनिधियों ने बताया कि वे विश्वविद्यालय अधिकारियों के साथ कई हफ्तों से संवाद में हैं, पर अभी तक कोई ठोस उत्तर नहीं मिला है।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने चिंताओं को स्वीकार किया और कहा कि इस मुद्दे की समीक्षा आगामी बजट बैठक में की जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि किसी भी निर्णय में राज्य की वित्तीय सीमाओं को ध्यान में रखते हुए भविष्य के स्वास्थ्य कर्मियों को समर्थन देने का प्रयास किया जाएगा।
यह प्रदर्शन भारत भर में आयुष प्रशिक्षु छात्रों के बीच बढ़ती असंतुष्टि को दर्शाता है, जो अक्सर अपने अनिवार्य इंटर्नशिप के दौरान सीमित भत्ते पर निर्भर होते हैं। इस मुद्दे पर अन्य राज्यों में नीति संशोधन की संभावनाओं को देखते हुए सभी पक्ष बारीकी से देख रहे हैं।