📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Prime Minister's Office
देश
राम मंदिर चढ़ावा चोरी की जांच का दायरा बढ़ा, सुरक्षा खर्च पर उठे सवाल
✍️ Aaj Tak
🗓 19 जून 2026, 09:02 AM
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अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी की जांच कर रही एसआईटी अब मुख्य आरोपी के अलावा सीसीटीवी सिस्टम, पास जारी करने की प्रक्रिया और तकनीकी कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच कर रही है। यह जांच सुरक्षा पर हुए भारी खर्च के बीच की जा रही है।
अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामले की जांच अब और गहराई से की जा रही है, जिसमें विशेष जांच दल (एसआईटी) ने अपने दायरे का विस्तार किया है। जांच अब केवल आरोपी टिन्नू यादव तक ही सीमित नहीं है, बल्कि मंदिर के सीसीटीवी सिस्टम, पास जारी करने की प्रक्रिया और समग्र सुरक्षा व्यवस्था की भी बारीकी से पड़ताल की जा रही है।
एसआईटी मंदिर के संचालन में शामिल तकनीकी कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच कर रही है। यह विस्तृत जांच सुरक्षा व्यवस्थाओं की प्रभावशीलता पर सवाल उठाती है, खासकर इस तथ्य को देखते हुए कि कथित तौर पर 11 महीनों में सुरक्षा पर लगभग 10 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। इस चोरी के आरोपों ने सुरक्षा प्रोटोकॉल और कर्मचारियों की भूमिका पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं।
इस जांच के तहत, अब तक 125 से अधिक लोगों से पूछताछ की जा चुकी है। एसआईटी का लक्ष्य घटना के पूर्ण विवरण का पता लगाना और मंदिर के सुरक्षा तथा प्रशासनिक ढांचे के भीतर जवाबदेही सुनिश्चित करना है।
एसआईटी मंदिर के संचालन में शामिल तकनीकी कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच कर रही है। यह विस्तृत जांच सुरक्षा व्यवस्थाओं की प्रभावशीलता पर सवाल उठाती है, खासकर इस तथ्य को देखते हुए कि कथित तौर पर 11 महीनों में सुरक्षा पर लगभग 10 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। इस चोरी के आरोपों ने सुरक्षा प्रोटोकॉल और कर्मचारियों की भूमिका पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं।
इस जांच के तहत, अब तक 125 से अधिक लोगों से पूछताछ की जा चुकी है। एसआईटी का लक्ष्य घटना के पूर्ण विवरण का पता लगाना और मंदिर के सुरक्षा तथा प्रशासनिक ढांचे के भीतर जवाबदेही सुनिश्चित करना है।