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अंधरवारी पंचायत में सखी वार्ता: महिलाओं व किशोरियों को अधिकार और सुरक्षा के बारे में जागरूक किया
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नवादा के जिला हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ विमेन द्वारा आयोजित सखी वार्ता कार्यक्रम में ग्रामीण महिलाओं, किशोरियों और बच्चों को कानूनी अधिकार, सुरक्षा तंत्र और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई।
नवादा के महिला एवं बाल विकास निगम, समाज कल्याण विभाग, बिहार सरकार द्वारा संचालित मिशन शक्ति योजना के तहत जिला हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ विमेन, नवादा ने 27 अगस्त 2026 को रजौली प्रखंड स्थित अंधरवारी पंचायत भवन में सखी वार्ता कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम में स्थानीय ग्रामीणों के साथ बड़ी संख्या में किशोर‑किशोरियों और बच्चों ने भाग लिया।
लैंगिक विशेषज्ञ मयंक प्रियदर्शी ने बाल विवाह प्रतिबंध अधिनियम एवं दहेज प्रतिबंध अधिनियम, 1961 के प्रावधानों की जानकारी दी और बाल विवाह, दहेज जैसी सामाजिक कुप्रथाओं के उन्मूलन के साथ बेटियों की शिक्षा और समग्र विकास पर बल दिया। उन्होंने महिला हेल्पलाइन टोल‑फ्री नंबर 181 के माध्यम से घरेलू हिंसा, यौन शोषण, दहेज प्रताड़ना आदि संकट स्थितियों में सहायता उपलब्ध होने की सूचना भी दी।
लैंगिक विशेषज्ञ पंकज कुमार ने लैंगिक हिंसा से संबंधित कानूनी प्रावधानों पर चर्चा करते हुए बच्चों को सुरक्षित एवं असुरक्षित स्पर्श के प्रति जागरूक किया। उन्होंने किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर भरोसेमंद व्यक्ति या चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 से तुरंत संपर्क करने की सलाह दी।
आईटी साक्षरता विशेषज्ञ अमन कुमार ने राष्ट्रीय साइबर‑क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 के बारे में बताया और ऑनलाइन धोखाधड़ी, UPI एवं कार्ड फ्रॉड, फर्जी प्रोफाइल, ब्लैकमेलिंग तथा सोशल मीडिया से जुड़े साइबर अपराधों से बचाव के उपाय समझाए। उन्होंने साइबर अपराध की स्थिति में तुरंत शिकायत दर्ज कराने की अपील की।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित ग्रामीणों और किशोरियों ने अपनी जिज्ञासाएँ व समस्याएँ साझा कीं, जिनका मौके पर समाधान एवं आवश्यक मार्गदर्शन दिया गया। सभी ने महिला एवं बाल सुरक्षा को सुदृढ़ करने, बाल विवाह और दहेज जैसी कुप्रथाओं के उन्मूलन में सहयोग करने का संकल्प व्यक्त किया।
लैंगिक विशेषज्ञ मयंक प्रियदर्शी ने बाल विवाह प्रतिबंध अधिनियम एवं दहेज प्रतिबंध अधिनियम, 1961 के प्रावधानों की जानकारी दी और बाल विवाह, दहेज जैसी सामाजिक कुप्रथाओं के उन्मूलन के साथ बेटियों की शिक्षा और समग्र विकास पर बल दिया। उन्होंने महिला हेल्पलाइन टोल‑फ्री नंबर 181 के माध्यम से घरेलू हिंसा, यौन शोषण, दहेज प्रताड़ना आदि संकट स्थितियों में सहायता उपलब्ध होने की सूचना भी दी।
लैंगिक विशेषज्ञ पंकज कुमार ने लैंगिक हिंसा से संबंधित कानूनी प्रावधानों पर चर्चा करते हुए बच्चों को सुरक्षित एवं असुरक्षित स्पर्श के प्रति जागरूक किया। उन्होंने किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर भरोसेमंद व्यक्ति या चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 से तुरंत संपर्क करने की सलाह दी।
आईटी साक्षरता विशेषज्ञ अमन कुमार ने राष्ट्रीय साइबर‑क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 के बारे में बताया और ऑनलाइन धोखाधड़ी, UPI एवं कार्ड फ्रॉड, फर्जी प्रोफाइल, ब्लैकमेलिंग तथा सोशल मीडिया से जुड़े साइबर अपराधों से बचाव के उपाय समझाए। उन्होंने साइबर अपराध की स्थिति में तुरंत शिकायत दर्ज कराने की अपील की।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित ग्रामीणों और किशोरियों ने अपनी जिज्ञासाएँ व समस्याएँ साझा कीं, जिनका मौके पर समाधान एवं आवश्यक मार्गदर्शन दिया गया। सभी ने महिला एवं बाल सुरक्षा को सुदृढ़ करने, बाल विवाह और दहेज जैसी कुप्रथाओं के उन्मूलन में सहयोग करने का संकल्प व्यक्त किया।