📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Joli
धर्म
पुणे में असम का नमघर सांस्कृतिक एकता का प्रतीक, हिमंत सरमा ने कहा
✍️ Tripuratimes
🗓 08 अक्टू. 2026, 05:16 AM
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मुख्यमंत्री हिमंत सरमा ने पुणे में स्थापित असम के नमघर को सांस्कृतिक एकता का प्रतीक बताया।
पुणे में असम के प्रमुख धार्मिक स्थल, नमघर का उद्घाटन हुआ, जिसे असम के मुख्यमंत्री हिमंत सरमा ने दो राज्यों के बीच सांस्कृतिक एकता का प्रतीक बताया। यह पारम्परिक प्रार्थनालय शहर में बसे असमियों के लिए अपनी पूजा पद्धति और परम्पराओं को जारी रखने का स्थान है, साथ ही स्थानीय लोगों को अपनी संस्कृति से परिचित कराता है।
सरमा ने कहा कि ऐसे सांस्कृतिक केंद्र सामाजिक सम्मान को बढ़ावा देते हैं और राजनीतिक सीमाओं से परे संबंधों को मजबूत करते हैं। उन्होंने नमघर को असमियों की भाषा, संगीत और धार्मिक अनुष्ठानों को संरक्षण देने के साधन के रूप में महत्व दिया।
स्थानीय अधिकारियों और समुदाय के प्रतिनिधियों ने इस समारोह में भाग लिया, जिससे इस पहल की सहयोगी भावना स्पष्ट हुई। भविष्य में नमघर में नियमित धार्मिक सभा, सांस्कृतिक कार्यक्रम और शैक्षिक गतिविधियाँ आयोजित की जाएँगी, जिससे पुणे के बहुसांस्कृतिक माहौल में असम की परम्पराएँ और भी समाहित होंगी।
सरमा ने कहा कि ऐसे सांस्कृतिक केंद्र सामाजिक सम्मान को बढ़ावा देते हैं और राजनीतिक सीमाओं से परे संबंधों को मजबूत करते हैं। उन्होंने नमघर को असमियों की भाषा, संगीत और धार्मिक अनुष्ठानों को संरक्षण देने के साधन के रूप में महत्व दिया।
स्थानीय अधिकारियों और समुदाय के प्रतिनिधियों ने इस समारोह में भाग लिया, जिससे इस पहल की सहयोगी भावना स्पष्ट हुई। भविष्य में नमघर में नियमित धार्मिक सभा, सांस्कृतिक कार्यक्रम और शैक्षिक गतिविधियाँ आयोजित की जाएँगी, जिससे पुणे के बहुसांस्कृतिक माहौल में असम की परम्पराएँ और भी समाहित होंगी।