📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / অজয় দাস
बिज़नेस
असम में अपार्टमेंट बूम से 100 साल पुराने संपत्तियों की स्वामित्व समस्या
✍️ guwahati Plus News
🗓 26 सित. 2026, 09:31 PM
👁 14
असम में अपार्टमेंट निर्माण के तेज़ी से 100 साल से अधिक पुराने संपत्तियों के स्वामित्व में अस्पष्टता उभरी है, जिससे अधिकारियों ने भूमि अभिलेखों की जांच शुरू की है।
असम के रियल एस्टेट सेक्टर में, विशेषकर गुवाहाटी में, अपार्टमेंट परियोजनाओं का तेज़ी से विस्तार हो रहा है, जिससे शहरी परिदृश्य में नई इमारतें उभर रही हैं। इस बूम के साथ ही एक पुरानी समस्या फिर से सामने आई है: कई जमीनों के स्वामित्व दस्तावेज़ सौ साल से अधिक पुराने हैं, जिनमें उत्तराधिकार की स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पाती।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि स्वतंत्रता से पहले के भूमि अभिलेख अक्सर अस्पष्ट होते हैं, जिससे वर्तमान मालिकाना हक़ की पुष्टि मुश्किल हो जाती है। इस कारण संभावित खरीदारों और ऋणदाताओं को अपने निवेश की वैधता को लेकर अनिश्चितता का सामना करना पड़ रहा है, और कुछ मौजूदा मालिकों ने विरासत के अधिकारों पर विवाद उठाया है।
इस स्थिति को देखते हुए असम सरकार और गुवाहाटी नगर निगम ने हालिया अपार्टमेंट परियोजनाओं से जुड़ी भूमि अभिलेखों की संयुक्त जांच शुरू की है। अधिकारियों ने डेवलपर्स और खरीदारों से अनुरोध किया है कि लेन‑देन से पहले अद्यतन शीर्षक सत्यापन करवाएँ, और पुराने भूमि डेटा को डिजिटल बनाने की प्रक्रिया तेज़ करेंगे।
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि स्वामित्व की अस्पष्टता निवेशकों के उत्साह को कुछ हद तक कम कर सकती है, जब तक कि सत्यापन प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती। फिर भी, यह सेक्टर शहरी विकास का मुख्य प्रेरक बना हुआ है, और हितधारक नियामक स्पष्टता की प्रतीक्षा में हैं जिससे विश्वास पुनः स्थापित हो सके।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि स्वतंत्रता से पहले के भूमि अभिलेख अक्सर अस्पष्ट होते हैं, जिससे वर्तमान मालिकाना हक़ की पुष्टि मुश्किल हो जाती है। इस कारण संभावित खरीदारों और ऋणदाताओं को अपने निवेश की वैधता को लेकर अनिश्चितता का सामना करना पड़ रहा है, और कुछ मौजूदा मालिकों ने विरासत के अधिकारों पर विवाद उठाया है।
इस स्थिति को देखते हुए असम सरकार और गुवाहाटी नगर निगम ने हालिया अपार्टमेंट परियोजनाओं से जुड़ी भूमि अभिलेखों की संयुक्त जांच शुरू की है। अधिकारियों ने डेवलपर्स और खरीदारों से अनुरोध किया है कि लेन‑देन से पहले अद्यतन शीर्षक सत्यापन करवाएँ, और पुराने भूमि डेटा को डिजिटल बनाने की प्रक्रिया तेज़ करेंगे।
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि स्वामित्व की अस्पष्टता निवेशकों के उत्साह को कुछ हद तक कम कर सकती है, जब तक कि सत्यापन प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती। फिर भी, यह सेक्टर शहरी विकास का मुख्य प्रेरक बना हुआ है, और हितधारक नियामक स्पष्टता की प्रतीक्षा में हैं जिससे विश्वास पुनः स्थापित हो सके।