📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Andy Doane
स्वास्थ्य
असम में हर जिले में सरकारी पुनर्वास केंद्र, नशा मुक्ति के लिए
✍️ India Today
🗓 16 सित. 2026, 04:15 AM
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असम सरकार ने राज्य में नशे की लत को रोकने के लिए हर जिले में पुनर्वास केंद्र खोलने का फैसला किया।
असम सरकार ने राज्य के सभी 33 जिलों में सरकारी नशा मुक्ति पुनर्वास केंद्र स्थापित करने की योजना की घोषणा की है। यह कदम बढ़ते नशे के दुरुपयोग को रोकने और उपचार सुविधाएँ सुलभ कराने के उद्देश्य से उठाया गया है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, इन केंद्रों में चिकित्सक, मनोवैज्ञानिक और व्यावसायिक प्रशिक्षण सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएँगी, जिससे रोगियों को दीर्घकालिक पुनर्वास मिल सके। इस योजना के लिए राज्य के स्वास्थ्य बजट से वित्तीय सहायता दी जाएगी, साथ ही नशा मुक्ति के लिए केंद्र सरकार की योजनाओं से भी सहयोग अपेक्षित है।
पहले चरण में गुवाहाटी और डिब्रुगढ़ में पायलट केंद्र स्थापित किए जाएंगे, और वित्तीय वर्ष के अंत तक पूरे राज्य में नेटवर्क तैयार करने का लक्ष्य है। अधिकारियों का मानना है कि यह नेटवर्क नशे की लत को कम करेगा और संबंधित अपराधों में गिरावट लाएगा।
नशा रोकथाम पर काम करने वाले NGOs ने इस कदम का स्वागत किया है और त्वरित कार्यान्वयन तथा जागरूकता अभियानों की मांग की है।
यह पहल असम की सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौतियों को राज्य स्तर पर सुलझाने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जो राष्ट्रीय नशा मुक्ति लक्ष्यों के साथ मेल खाती है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, इन केंद्रों में चिकित्सक, मनोवैज्ञानिक और व्यावसायिक प्रशिक्षण सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएँगी, जिससे रोगियों को दीर्घकालिक पुनर्वास मिल सके। इस योजना के लिए राज्य के स्वास्थ्य बजट से वित्तीय सहायता दी जाएगी, साथ ही नशा मुक्ति के लिए केंद्र सरकार की योजनाओं से भी सहयोग अपेक्षित है।
पहले चरण में गुवाहाटी और डिब्रुगढ़ में पायलट केंद्र स्थापित किए जाएंगे, और वित्तीय वर्ष के अंत तक पूरे राज्य में नेटवर्क तैयार करने का लक्ष्य है। अधिकारियों का मानना है कि यह नेटवर्क नशे की लत को कम करेगा और संबंधित अपराधों में गिरावट लाएगा।
नशा रोकथाम पर काम करने वाले NGOs ने इस कदम का स्वागत किया है और त्वरित कार्यान्वयन तथा जागरूकता अभियानों की मांग की है।
यह पहल असम की सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौतियों को राज्य स्तर पर सुलझाने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जो राष्ट्रीय नशा मुक्ति लक्ष्यों के साथ मेल खाती है।