📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Trideep Dutta Photography
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असम में दिब्रुगढ़ में 534 करोड़ रुपये का वन्यजीव सफारी व बचाव केंद्र निर्माण
✍️ India Today NE
🗓 07 सित. 2026, 01:03 AM
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असम सरकार ने दिब्रुगढ़ में 534 करोड़ रुपये के वन्यजीव सफारी‑बचाव केंद्र के निर्माण को मंजूरी दी, जिससे संरक्षण और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
असम की राज्य मंत्रिपरिषद ने दिब्रुगढ़ जिले में 534 करोड़ रुपये के बजट से वन्यजीव सफारी‑बचाव केंद्र बनाने की योजना को मंजूरी दी है। इस केंद्र में पर्यटकों के लिए सफारी पार्क और घायल व विस्थापित वन्यजीवों के उपचार के लिए एक विशेष बचाव इकाई दोनों शामिल होंगी।
परियोजना के कार्यान्वयन के लिए भूमि अधिग्रहण और बुनियादी ढाँचा तैयार किया जा रहा है, और इसे अगले कुछ वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य है। राज्य के वन्यजीव विभाग का मानना है कि इससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे और अनुसंधान व संरक्षण कार्यों के लिए एक केंद्र स्थापित होगा।
वित्तीय सहायता राज्य बजट और केंद्र सरकार के सहयोग से प्राप्त होगी, जो असम की इको‑टूरिज्म को बढ़ावा देने और जैव विविधता की रक्षा करने की व्यापक रणनीति को दर्शाती है।
स्थानीय NGOs और समुदाय ने इस पहल का स्वागत किया है, क्योंकि दिब्रुगढ़ कई वन्यजीव आवासों के निकट स्थित है, जिससे यह केंद्र रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बनता है। अधिकारियों ने पर्यावरण मानकों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए नियमित निगरानी का वचन दिया है।
निर्माण समाप्त होने पर केंद्र सार्वजनिक रूप से खुला जाएगा, जहाँ मार्गदर्शित सफारी टूर और शैक्षिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिससे वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ेगी।
परियोजना के कार्यान्वयन के लिए भूमि अधिग्रहण और बुनियादी ढाँचा तैयार किया जा रहा है, और इसे अगले कुछ वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य है। राज्य के वन्यजीव विभाग का मानना है कि इससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे और अनुसंधान व संरक्षण कार्यों के लिए एक केंद्र स्थापित होगा।
वित्तीय सहायता राज्य बजट और केंद्र सरकार के सहयोग से प्राप्त होगी, जो असम की इको‑टूरिज्म को बढ़ावा देने और जैव विविधता की रक्षा करने की व्यापक रणनीति को दर्शाती है।
स्थानीय NGOs और समुदाय ने इस पहल का स्वागत किया है, क्योंकि दिब्रुगढ़ कई वन्यजीव आवासों के निकट स्थित है, जिससे यह केंद्र रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बनता है। अधिकारियों ने पर्यावरण मानकों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए नियमित निगरानी का वचन दिया है।
निर्माण समाप्त होने पर केंद्र सार्वजनिक रूप से खुला जाएगा, जहाँ मार्गदर्शित सफारी टूर और शैक्षिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिससे वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ेगी।