📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Pradip Nemane
टेक्नोलॉजी
असम के युवा तकनीशियन ने बाढ़ राहत में पाटी लगाई
✍️ India Today NE
🗓 09 अग. 2026, 03:36 PM
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असम में युवा तकनीशियनों ने हालिया बाढ़ के दौरान फंसे गाँव वालों को राहत संसाधनों से जोड़ने के लिए मोबाइल समाधान विकसित किया।
असम के उत्तर‑पूर्वी हिस्से में हालिया बाढ़ ने कई गांवों को अलग-थलग कर दिया, जिससे राहत टीमों को घंटों के भीतर पहुँचने में कठिनाई हुई। संचार और परिवहन की कमी ने राहत प्रयासों में एक गंभीर अंतर पैदा कर दिया।
स्थानीय विश्वविद्यालय के छात्रों और सॉफ्टवेयर डेवलपर्स की एक टीम ने एक हल्का मोबाइल एप्लिकेशन विकसित किया, जो वास्तविक‑समय के जल स्तर को मैप करता है और स्वयंसेवकों को सबसे सुरक्षित मार्गों की दिशा देता है। यह एप्लिकेशन निवासियों को अपने फ़ोन से सीधे सहायता का अनुरोध करने की सुविधा भी देता है।
इस समाधान का परीक्षण बाढ़ के चरम दिन पर किया गया, जिससे राहत कार्यकर्ताओं को 2 किमी दूर स्थित एक गांव तक 30 मिनट से कम समय में पहुँचने में मदद मिली, जो पिछले 2‑घंटे के इंतजार से काफी बेहतर है। स्थानीय अधिकारियों ने इस पहल को तकनीक‑आधारित आपदा प्रतिक्रिया का मॉडल बताया।
जबकि एप्लिकेशन अभी पायलट चरण में है, अधिकारियों ने इसे असम के अन्य बाढ़‑प्रवण जिलों में विस्तारित करने की योजना बनाई है, ताकि भविष्य के प्रतिक्रिया समय को कम किया जा सके और जानें बचाई जा सकें।
स्थानीय विश्वविद्यालय के छात्रों और सॉफ्टवेयर डेवलपर्स की एक टीम ने एक हल्का मोबाइल एप्लिकेशन विकसित किया, जो वास्तविक‑समय के जल स्तर को मैप करता है और स्वयंसेवकों को सबसे सुरक्षित मार्गों की दिशा देता है। यह एप्लिकेशन निवासियों को अपने फ़ोन से सीधे सहायता का अनुरोध करने की सुविधा भी देता है।
इस समाधान का परीक्षण बाढ़ के चरम दिन पर किया गया, जिससे राहत कार्यकर्ताओं को 2 किमी दूर स्थित एक गांव तक 30 मिनट से कम समय में पहुँचने में मदद मिली, जो पिछले 2‑घंटे के इंतजार से काफी बेहतर है। स्थानीय अधिकारियों ने इस पहल को तकनीक‑आधारित आपदा प्रतिक्रिया का मॉडल बताया।
जबकि एप्लिकेशन अभी पायलट चरण में है, अधिकारियों ने इसे असम के अन्य बाढ़‑प्रवण जिलों में विस्तारित करने की योजना बनाई है, ताकि भविष्य के प्रतिक्रिया समय को कम किया जा सके और जानें बचाई जा सकें।