📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Cayambe
कृषि
असम ने 20,000 बीघा तेल-पाम के लिए निर्धारित किया, ‘मखाना’ उत्पादन बढ़ाने की योजना
✍️ The Times of India
🗓 10 सित. 2026, 03:03 AM
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असम सरकार ने 20,000 बीघा जमीन को तेल‑पाम की खेती के लिए earmark किया, जिससे ‘मखाना’ उत्पादन बढ़ाने की योजना है।
असम सरकार ने एक नई कृषि पहल का एलान किया है, जिसमें 20,000 बीघा जमीन को तेल‑पाम की खेती के लिए निर्धारित किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम स्थानीय रूप से ‘मखाना’ के रूप में जाने वाले फसल के उत्पादन को बढ़ाने के लिए एक रणनीतिक उपाय है, जिससे राज्य की कृषि आय में इजाफा होगा।
योजना के अनुसार, निर्धारित क्षेत्र को चरणबद्ध तरीके से विकसित किया जाएगा, और अगली बुवाई के मौसम में पहली बुआई शुरू होने की उम्मीद है। कृषि विभाग स्थानीय सहकारी समितियों और निजी किसानों के साथ मिलकर पौधे, तकनीकी सलाह और वित्तीय सहायता प्रदान करेगा।
राज्य के आंकड़े दर्शाते हैं कि इस परियोजना से ग्रामीण परिवारों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे, फसल पैटर्न में विविधता आएगी और तेल‑पाम से प्राप्त ‘मखाना’ उत्पादों की मात्रा घरेलू उपयोग और निर्यात दोनों के लिए बढ़ेगी।
पर्यावरणीय चिंताओं को ध्यान में रखते हुए, सरकार ने मिट्टी परीक्षण, सतत सिंचाई और कीटनाशक उपयोग की निगरानी जैसे उपायों को शामिल किया है। इस योजना की प्रगति का मूल्यांकन वित्तीय वर्ष के अंत में किया जाएगा।
योजना के अनुसार, निर्धारित क्षेत्र को चरणबद्ध तरीके से विकसित किया जाएगा, और अगली बुवाई के मौसम में पहली बुआई शुरू होने की उम्मीद है। कृषि विभाग स्थानीय सहकारी समितियों और निजी किसानों के साथ मिलकर पौधे, तकनीकी सलाह और वित्तीय सहायता प्रदान करेगा।
राज्य के आंकड़े दर्शाते हैं कि इस परियोजना से ग्रामीण परिवारों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे, फसल पैटर्न में विविधता आएगी और तेल‑पाम से प्राप्त ‘मखाना’ उत्पादों की मात्रा घरेलू उपयोग और निर्यात दोनों के लिए बढ़ेगी।
पर्यावरणीय चिंताओं को ध्यान में रखते हुए, सरकार ने मिट्टी परीक्षण, सतत सिंचाई और कीटनाशक उपयोग की निगरानी जैसे उपायों को शामिल किया है। इस योजना की प्रगति का मूल्यांकन वित्तीय वर्ष के अंत में किया जाएगा।