📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Andy Doane
बिज़नेस
असम के मंत्री ने कहा, मानव संसाधन ही औद्योगीकरण की सबसे बड़ी संपत्ति
✍️ Nagaland Post
🗓 25 सित. 2026, 12:02 PM
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असम सरकार ने अपने औद्योगीकरण के मुख्य प्रेरक के रूप में मानव संसाधन को प्रमुख बताया, जैसा कि एक मंत्री के हालिया बयान में कहा गया।
असम के एक मंत्री ने हालिया साक्षात्कार में कहा कि राज्य के औद्योगीकरण के लिए सबसे बड़ी संपत्ति मानव संसाधन है। उन्होंने बताया कि कुशल और शिक्षित कार्यबल निवेश को आकर्षित कर सकता है, उत्पादकता बढ़ा सकता है और विभिन्न क्षेत्रों में दीर्घकालिक विकास को स्थिर कर सकता है। बुनियादी ढाँचा और नीति सुधार भी महत्वपूर्ण हैं, परंतु मानव पूँजी का उपयोग असम को अन्य क्षेत्रों पर प्रतिस्पर्धात्मक लाभ देगा।
यह बयान तब आया है जब असम अपने विनिर्माण आधार को विस्तारित करने और कृषि व चाय के अलावा अर्थव्यवस्था को विविध बनाने की कोशिश कर रहा है। सरकार व्यावसायिक प्रशिक्षण, उच्च शिक्षा और कौशल उन्नयन कार्यक्रमों पर ध्यान केंद्रित कर रही है, ताकि श्रम शक्ति उद्योग की जरूरतों के अनुरूप हो सके। मंत्री ने निजी कंपनियों और शैक्षणिक संस्थानों को सहयोग करने का आह्वान किया।
विश्लेषकों का मानना है कि मानव संसाधन पर यह जोर एक रणनीतिक बदलाव दर्शाता है, जिससे असम तकनीकी‑सक्षम विनिर्माण और सेवा क्षेत्रों में केंद्र बनना चाहता है। यदि यह सफल रहा, तो नई नौकरियों का सृजन, प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि और अन्य राज्यों की ओर प्रवास में कमी हो सकती है।
सरकार कौशल विकास के परिणामों की समय‑समय पर समीक्षा करके नीतियों को समायोजित करने की योजना बना रही है। सभी हितधारकों से अपेक्षा है कि वे कार्यबल को बदलते बाजार की मांगों के अनुसार लचीला बनाए रखने में सहयोग दें।
यह बयान तब आया है जब असम अपने विनिर्माण आधार को विस्तारित करने और कृषि व चाय के अलावा अर्थव्यवस्था को विविध बनाने की कोशिश कर रहा है। सरकार व्यावसायिक प्रशिक्षण, उच्च शिक्षा और कौशल उन्नयन कार्यक्रमों पर ध्यान केंद्रित कर रही है, ताकि श्रम शक्ति उद्योग की जरूरतों के अनुरूप हो सके। मंत्री ने निजी कंपनियों और शैक्षणिक संस्थानों को सहयोग करने का आह्वान किया।
विश्लेषकों का मानना है कि मानव संसाधन पर यह जोर एक रणनीतिक बदलाव दर्शाता है, जिससे असम तकनीकी‑सक्षम विनिर्माण और सेवा क्षेत्रों में केंद्र बनना चाहता है। यदि यह सफल रहा, तो नई नौकरियों का सृजन, प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि और अन्य राज्यों की ओर प्रवास में कमी हो सकती है।
सरकार कौशल विकास के परिणामों की समय‑समय पर समीक्षा करके नीतियों को समायोजित करने की योजना बना रही है। सभी हितधारकों से अपेक्षा है कि वे कार्यबल को बदलते बाजार की मांगों के अनुसार लचीला बनाए रखने में सहयोग दें।