📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / ITCENTRELJN
यात्रा
असम ने गुवाहाटी, नाहरलागुन, तिन्सुकी को जोड़ने वाले विज़्टाडोम ट्रेनों की शुरुआत की
✍️ The News Mill
🗓 19 जुल. 2026, 04:18 PM
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असम रेलवे ने गुवाहाटी‑नाहरलागुन और नाहरलागुन‑तिन्सुकी मार्गों पर विज़्टाडोम सेवाएँ शुरू की हैं, जिससे यात्रियों को पैनोरमिक दृश्य देखने का मौका मिलता है।
असम रेलवे ने गुवाहाटी‑नाहरलागुन और नाहरलागुन‑तिन्सुकी के दो प्रमुख मार्गों पर विज़्टाडोम सेवाएँ शुरू की हैं। इन ट्रेनों में बड़े पैनोरमिक विंडो लगे हैं, जिससे यात्रियों को राज्य के हरे-भरे परिदृश्य का आनंद लेने का मौका मिलता है।
गुवाहाटी‑नाहरलागुन विज़्टाडोम ट्रेन दिन में दो बार चलती है, जो 120 किमी की दूरी लगभग 4 घंटे में तय करती है। नाहरलागुन‑तिन्सुकी सेवा 140 किमी की दूरी एक बार दिन में कवर करती है, जो राजधानी को औद्योगिक केंद्र तिन्सुकी से जोड़ती है।
प्रत्येक विज़्टाडोम कोच में 50 सीटें 2‑3 विन्यास में हैं, साथ ही एक अवलोकन डेक और कांच की छत है, जिससे यात्रियों को ट्रैक के साथ चलती पहाड़ियों, नदियों और चाय बागानों को देखने का अवसर मिलता है।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इन सेवाओं के परिचय से न केवल यात्री आराम बढ़ेगा, बल्कि दूरस्थ पर्यटन स्थलों को अधिक सुलभ बनाकर स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी प्रोत्साहन मिलेगा। ट्रेनों को वर्ष भर चलाने की योजना है, खासकर छुट्टियों के दौरान विशेष समय सारिणी के साथ।
गुवाहाटी‑नाहरलागुन विज़्टाडोम ट्रेन दिन में दो बार चलती है, जो 120 किमी की दूरी लगभग 4 घंटे में तय करती है। नाहरलागुन‑तिन्सुकी सेवा 140 किमी की दूरी एक बार दिन में कवर करती है, जो राजधानी को औद्योगिक केंद्र तिन्सुकी से जोड़ती है।
प्रत्येक विज़्टाडोम कोच में 50 सीटें 2‑3 विन्यास में हैं, साथ ही एक अवलोकन डेक और कांच की छत है, जिससे यात्रियों को ट्रैक के साथ चलती पहाड़ियों, नदियों और चाय बागानों को देखने का अवसर मिलता है।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इन सेवाओं के परिचय से न केवल यात्री आराम बढ़ेगा, बल्कि दूरस्थ पर्यटन स्थलों को अधिक सुलभ बनाकर स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी प्रोत्साहन मिलेगा। ट्रेनों को वर्ष भर चलाने की योजना है, खासकर छुट्टियों के दौरान विशेष समय सारिणी के साथ।