📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Railways
टेक्नोलॉजी
अश्विनी वैष्णव ने भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण में नई विकास चरण की घोषणा की
✍️ Asianet Newsable
🗓 19 अग. 2026, 05:37 PM
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मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि भारत इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण में नई विकास चरण में प्रवेश कर रहा है, जिससे इस क्षेत्र पर बढ़ता ध्यान दिखता है।
नई दिल्ली – केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पत्रकारों को बताया कि भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण क्षेत्र एक नई विकास चरण में प्रवेश करने के कगार पर है। एशियनट न्यूज़ेबल द्वारा रिपोर्ट किए गए इस बयान से घरेलू उत्पादन क्षमता को बढ़ाने और आयात पर निर्भरता घटाने की सरकारी इच्छा स्पष्ट होती है।
वैष्णव ने कहा कि हालिया नीतियों और प्रोत्साहनों से निवेश आकर्षित होगा और घटक निर्माताओं, असेंबली यूनिटों तथा अनुसंधान संस्थानों का इकोसिस्टम विस्तारित होगा। जबकि विशिष्ट लक्ष्य नहीं बताए गए, उन्होंने बताया कि आगे के समय में उद्योग और सरकार के बीच सहयोग बढ़ेगा।
विश्लेषकों का मानना है कि यह घोषणा भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स को वैश्विक हब बनाने के व्यापक लक्ष्य का हिस्सा है, जो पहले के प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजना जैसी पहलों पर आधारित है। मंत्री के शब्दों से संकेत मिलता है कि क्षमता बढ़ाने, नवाचार को प्रोत्साहित करने और मूल्य श्रृंखला में कुशल रोजगार सृजन पर ध्यान रहेगा।
इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण पर सरकार का जोर, महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता हासिल करने के राष्ट्रीय लक्ष्य के साथ मेल खाता है, जो हाल के वर्षों में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।
वैष्णव ने कहा कि हालिया नीतियों और प्रोत्साहनों से निवेश आकर्षित होगा और घटक निर्माताओं, असेंबली यूनिटों तथा अनुसंधान संस्थानों का इकोसिस्टम विस्तारित होगा। जबकि विशिष्ट लक्ष्य नहीं बताए गए, उन्होंने बताया कि आगे के समय में उद्योग और सरकार के बीच सहयोग बढ़ेगा।
विश्लेषकों का मानना है कि यह घोषणा भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स को वैश्विक हब बनाने के व्यापक लक्ष्य का हिस्सा है, जो पहले के प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजना जैसी पहलों पर आधारित है। मंत्री के शब्दों से संकेत मिलता है कि क्षमता बढ़ाने, नवाचार को प्रोत्साहित करने और मूल्य श्रृंखला में कुशल रोजगार सृजन पर ध्यान रहेगा।
इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण पर सरकार का जोर, महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता हासिल करने के राष्ट्रीय लक्ष्य के साथ मेल खाता है, जो हाल के वर्षों में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।