📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Captured By Jahid Gazi
जीवनशैली
अरुणिमा मज़ुमदार ने सुसेगड जीवनशैली, नेपकेशन ट्रेंड और ताज़ा बेक्ड पोए की चर्चा की
✍️ The Asian Age
🗓 30 अग. 2026, 10:03 AM
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एक हालिया फीचर में, अरुणिमा मज़ुमदार ने सुसेगड जीवनशैली, नेपकेशन अवधारणा और ताज़ा बेक्ड पोए के आकर्षण पर अपने विचार साझा किए।
द एशियन एज ने एक लाइफस्टाइल लेख में अरुणिमा मज़ुमदार को प्रमुखता से प्रस्तुत किया, जिसमें उन्होंने शहरी पाठकों के बीच लोकप्रिय तीन प्रवृत्तियों पर चर्चा की। मज़ुमदार ने "सुसेगड" को एक गोआ से उत्पन्न शब्द के रूप में बताया, जो दैनिक जीवन में आराम और बिना जल्दबाजी के रहने की भावना को दर्शाता है। उनका मानना है कि यह दर्शन तेज़-तर्रार कार्य माहौल में संतुलन खोजने वाले कई भारतीयों को आकर्षित करता है।
"नेपकेशन" की अवधारणा पर बात करते हुए, मज़ुमदार ने इसे एक छोटी, पुनर्स्थापना करने वाली ब्रेक के रूप में वर्णित किया, जिसमें एक त्वरित नींद को छोटे अवकाश के साथ जोड़ा जाता है। वह बताती हैं कि यह प्रथा उन पेशेवरों में लोकप्रिय हो रही है जो लंबी यात्रा के बिना ऊर्जा पुनः प्राप्त करना चाहते हैं, जिससे मानसिक स्वास्थ्य के महत्व पर प्रकाश पड़ता है।
लेख में ताज़ा बेक्ड पोए के प्रति मज़ुमदार का उत्साह भी उजागर किया गया। वह इस क्षेत्रीय स्नैक की कुरकुरी बनावट और सुगंधित स्वाद की सराहना करती हैं, और इसे आधुनिक बेकरी में पुनर्जीवित होते देखती हैं। उनका मानना है कि ऐसी सरल, घर जैसा भोजन समकालीन पाक प्रवृत्तियों में एक स्थायी स्थान बना रहा है।
समग्र रूप से, मज़ुमदार ने सुसेगड, नेपकेशन और पोए को एक जागरूक जीवनशैली की ओर इशारा किया, जहाँ विश्राम, स्वास्थ्य और प्रामाणिक भोजन का संगम स्पष्ट रूप से दिखता है।
"नेपकेशन" की अवधारणा पर बात करते हुए, मज़ुमदार ने इसे एक छोटी, पुनर्स्थापना करने वाली ब्रेक के रूप में वर्णित किया, जिसमें एक त्वरित नींद को छोटे अवकाश के साथ जोड़ा जाता है। वह बताती हैं कि यह प्रथा उन पेशेवरों में लोकप्रिय हो रही है जो लंबी यात्रा के बिना ऊर्जा पुनः प्राप्त करना चाहते हैं, जिससे मानसिक स्वास्थ्य के महत्व पर प्रकाश पड़ता है।
लेख में ताज़ा बेक्ड पोए के प्रति मज़ुमदार का उत्साह भी उजागर किया गया। वह इस क्षेत्रीय स्नैक की कुरकुरी बनावट और सुगंधित स्वाद की सराहना करती हैं, और इसे आधुनिक बेकरी में पुनर्जीवित होते देखती हैं। उनका मानना है कि ऐसी सरल, घर जैसा भोजन समकालीन पाक प्रवृत्तियों में एक स्थायी स्थान बना रहा है।
समग्र रूप से, मज़ुमदार ने सुसेगड, नेपकेशन और पोए को एक जागरूक जीवनशैली की ओर इशारा किया, जहाँ विश्राम, स्वास्थ्य और प्रामाणिक भोजन का संगम स्पष्ट रूप से दिखता है।