📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Augustus Binu/ facebook
राजनीति
अरुंधति रॉय ने चर्चा की छात्र आंदोलन, मोदी और लोकतंत्र पर
✍️ Frontline Magazine
🗓 04 अग. 2026, 06:04 AM
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फ्रंटलाइन के स्पीकईज़ी पॉडकास्ट के नवीनतम एपिसोड में, लेखक अरुंधति रॉय ने भारत में बढ़ते छात्र आंदोलनों, प्रधानमंत्री मोदी की नीतियों पर आलोचना और लोकतंत्र की वर्तमान स्थिति पर चर्चा की।
फ्रंटलाइन मैगज़ीन के स्पीकईज़ी पॉडकास्ट ने अपनी उन्नीसवीं कड़ी में प्रसिद्ध लेखक अरुंधति रॉय को अतिथि के रूप में बुलाया। इस चर्चा का मुख्य विषय हाल ही में भारत के विश्वविद्यालयों में फैल रहे छात्र आंदोलनों पर है। रॉय ने छात्रों द्वारा उठाए गए मुद्दों, जैसे शैक्षणिक सुधार, रोजगार के अवसर और नागरिक स्वतंत्रता के क्षरण पर प्रकाश डाला।
लेखक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर भी आलोचना की, यह तर्क देते हुए कि उनकी नीतियों ने असंतोष की हवा को बढ़ावा दिया है। उन्होंने विशेष नीति निर्णयों की ओर इशारा किया जो छात्र विरोधों को प्रेरित करते हैं और लोकतांत्रिक शासन के लिए व्यापक प्रभावों पर सवाल उठाया।
रॉय ने इस कार्यक्रम को भारत में लोकतांत्रिक संस्थानों की लचीलापन पर विचार करते हुए समाप्त किया। उन्होंने खुली संवाद और नागरिक सहभागिता के महत्व पर बल दिया, और श्रोताओं को राजनीतिक उथल-पुथल के बीच लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के प्रति सतर्क रहने का आग्रह किया।
लेखक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर भी आलोचना की, यह तर्क देते हुए कि उनकी नीतियों ने असंतोष की हवा को बढ़ावा दिया है। उन्होंने विशेष नीति निर्णयों की ओर इशारा किया जो छात्र विरोधों को प्रेरित करते हैं और लोकतांत्रिक शासन के लिए व्यापक प्रभावों पर सवाल उठाया।
रॉय ने इस कार्यक्रम को भारत में लोकतांत्रिक संस्थानों की लचीलापन पर विचार करते हुए समाप्त किया। उन्होंने खुली संवाद और नागरिक सहभागिता के महत्व पर बल दिया, और श्रोताओं को राजनीतिक उथल-पुथल के बीच लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के प्रति सतर्क रहने का आग्रह किया।