📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / W. Bulach
विज्ञान
अरुणाचल प्रदेश में दूरस्थ सीमा क्षेत्रों के लिए भू‑तापीय ऊर्जा की संभावनाओं की जाँच, मंत्री ने कहा
✍️ India Today NE
🗓 04 अक्टू. 2026, 11:32 AM
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अरुणाचल प्रदेश सरकार ने दूरस्थ सीमा क्षेत्रों में भू‑तापीय ऊर्जा परियोजनाओं की संभावनाओं की जांच शुरू करने का इरादा जताया, जिससे दूरस्थ बस्तियों को स्थायी बिजली मिल सके।
अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ने सोमवार को कहा कि राज्य अपने दूरस्थ सीमा क्षेत्रों में भू‑तापीय ऊर्जा की संभावनाओं का विस्तृत अध्ययन करेगा। यह कदम उन गांवों को स्थायी बिजली प्रदान करने के लिए है, जो अभी डीजल जनरेटर और अनियमित ग्रिड पर निर्भर हैं।
हिलीयुक्त भू‑प्रकृति वाले अरुणाचल में कई सर्वेक्षणों से भूमिगत गर्मी के स्रोत पहचाने गए हैं, जो कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में भी बिजली उत्पादन के लिए उपयुक्त माने जा रहे हैं।
राज्य ऊर्जा विभाग ने नई और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय और कुछ अनुसंधान संस्थानों के साथ मिलकर अगले बारह महीनों में व्यवहार्यता अध्ययन करने का आदेश दिया है। यदि संभावित साइटें मिलती हैं, तो 2028 तक पायलट प्लांट स्थापित करने की योजना है, जिससे स्वच्छ ऊर्जा, कार्बन उत्सर्जन में कमी और स्थानीय रोजगार में वृद्धि होगी।
हिलीयुक्त भू‑प्रकृति वाले अरुणाचल में कई सर्वेक्षणों से भूमिगत गर्मी के स्रोत पहचाने गए हैं, जो कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में भी बिजली उत्पादन के लिए उपयुक्त माने जा रहे हैं।
राज्य ऊर्जा विभाग ने नई और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय और कुछ अनुसंधान संस्थानों के साथ मिलकर अगले बारह महीनों में व्यवहार्यता अध्ययन करने का आदेश दिया है। यदि संभावित साइटें मिलती हैं, तो 2028 तक पायलट प्लांट स्थापित करने की योजना है, जिससे स्वच्छ ऊर्जा, कार्बन उत्सर्जन में कमी और स्थानीय रोजगार में वृद्धि होगी।