📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Gurtej Chauhan
शिक्षा
अरुणाचल प्रदेश ने कक्षा VI–VIII के लिए जनजातीय मातृभाषा पाठ्यपुस्तकें शुरू कीं
✍️ Hub News
🗓 24 सित. 2026, 01:40 AM
👁 162
अरुणाचल प्रदेश ने कक्षा VI से VIII तक के छात्रों के लिए तीसरी भाषा के रूप में जनजातीय मातृभाषा पाठ्यपुस्तकें शुरू की हैं, जिससे क्षेत्रीय भाषाई विरासत को बढ़ावा मिलेगा।
अरुणाचल प्रदेश ने कक्षा VI से VIII तक के छात्रों के लिए जनजातीय मातृभाषा पाठ्यपुस्तकें शुरू करके अपनी भाषाई विविधता को संरक्षित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इन पुस्तकों को राज्य के स्कूलों में तीसरी भाषा के रूप में पढ़ाया जाएगा।
इस पहल का उद्देश्य सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करना और यह सुनिश्चित करना है कि स्वदेशी भाषाएं आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचें। स्थानीय बोलियों को औपचारिक पाठ्यक्रम में शामिल करके राज्य सरकार क्षेत्रीय विरासत के प्रति अधिक जुड़ाव को बढ़ावा देना चाहती है।
यह कदम विभिन्न जनजातीय समुदायों के छात्रों को लाभ पहुंचाएगा, जिससे उन्हें मुख्य विषयों के साथ अपनी मूल भाषा में सीखने और पढ़ने का अवसर मिलेगा। यह औपचारिक शिक्षा के भीतर स्वदेशी ज्ञान प्रणालियों को मान्यता देने और संरक्षित करने के व्यापक प्रयास को दर्शाता है।
इस पहल का उद्देश्य सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करना और यह सुनिश्चित करना है कि स्वदेशी भाषाएं आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचें। स्थानीय बोलियों को औपचारिक पाठ्यक्रम में शामिल करके राज्य सरकार क्षेत्रीय विरासत के प्रति अधिक जुड़ाव को बढ़ावा देना चाहती है।
यह कदम विभिन्न जनजातीय समुदायों के छात्रों को लाभ पहुंचाएगा, जिससे उन्हें मुख्य विषयों के साथ अपनी मूल भाषा में सीखने और पढ़ने का अवसर मिलेगा। यह औपचारिक शिक्षा के भीतर स्वदेशी ज्ञान प्रणालियों को मान्यता देने और संरक्षित करने के व्यापक प्रयास को दर्शाता है।