📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Gurtej Chauhan
धर्म
अरुणाचल प्रदेश के सीएम ने 17 सितंबर को ‘आशीर्वाद का दिया’ जलाने का आह्वान किया
✍️ ThePrint
🗓 17 सित. 2026, 05:16 AM
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मुख्यमंत्री पेमा खंडू ने अरुणाचल प्रदेश के लोगों से 17 सितंबर को ‘आशीर्वाद का दिया’ जलाने का आग्रह किया, ताकि सामूहिक प्रार्थना हो सके।
मुख्यमंत्री पेमा खंडू ने मंगलवार को अरुणाचल प्रदेश के सभी घरों को 17 सितंबर को ‘आशीर्वाद का दिया’ जलाने का आग्रह किया। यह संदेश एक संक्षिप्त प्रेस इंटरैक्शन के दौरान दिया गया, जहाँ उन्होंने दिया को आशा और सामूहिक शुभकामनाओं का प्रतीक बताया।
खंडू ने कहा कि यह कार्य राज्य की सामाजिक‑आर्थिक प्रगति के लिए एकता और आशीर्वाद लाने का साधन है। उन्होंने समुदाय के नेताओं, स्कूलों और स्थानीय निकायों से इस संदेश को फैलाने और ग्रामीण‑शहरी दोनों क्षेत्रों में व्यापक भागीदारी सुनिश्चित करने का अनुरोध किया।
राज्य के अधिकारियों को स्थानीय मीडिया और सोशल प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से जानकारी प्रसारित करने के निर्देश मिले हैं। अभी तक कोई विशेष समारोह निर्धारित नहीं किया गया है, परंतु सरकार प्रतिक्रिया को देख कर महीने के बाद एक समापन कार्यक्रम आयोजित कर सकती है।
यह पहल सामाजिक एकजुटता को बढ़ावा देने वाले कार्यक्रमों के संदर्भ में आती है। निवासियों को घर या सार्वजनिक स्थानों पर साधारण तेल के दीये से इस परम्परा को मनाने की उम्मीद है।
सांस्कृतिक पहल के रूप में शुरू किया गया यह कार्यक्रम राज्य की सामुदायिक पहचान और साझा मूल्यों को सुदृढ़ करने के व्यापक लक्ष्य के साथ मेल खाता है।
खंडू ने कहा कि यह कार्य राज्य की सामाजिक‑आर्थिक प्रगति के लिए एकता और आशीर्वाद लाने का साधन है। उन्होंने समुदाय के नेताओं, स्कूलों और स्थानीय निकायों से इस संदेश को फैलाने और ग्रामीण‑शहरी दोनों क्षेत्रों में व्यापक भागीदारी सुनिश्चित करने का अनुरोध किया।
राज्य के अधिकारियों को स्थानीय मीडिया और सोशल प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से जानकारी प्रसारित करने के निर्देश मिले हैं। अभी तक कोई विशेष समारोह निर्धारित नहीं किया गया है, परंतु सरकार प्रतिक्रिया को देख कर महीने के बाद एक समापन कार्यक्रम आयोजित कर सकती है।
यह पहल सामाजिक एकजुटता को बढ़ावा देने वाले कार्यक्रमों के संदर्भ में आती है। निवासियों को घर या सार्वजनिक स्थानों पर साधारण तेल के दीये से इस परम्परा को मनाने की उम्मीद है।
सांस्कृतिक पहल के रूप में शुरू किया गया यह कार्यक्रम राज्य की सामुदायिक पहचान और साझा मूल्यों को सुदृढ़ करने के व्यापक लक्ष्य के साथ मेल खाता है।