📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Home Affairs
रक्षा
अरुणाचल प्रदेश के सीएम पेमा खांडू ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से सीमा बुनियादी ढाँचे को सुदृढ़ करने पर चर्चा की
✍️ Northeast Today
🗓 21 अग. 2026, 03:36 AM
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अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से चीन सीमा पर बुनियादी ढाँचे को मजबूत करने के उपायों पर चर्चा की।
अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ एक उच्च‑स्तरीय बैठक में राज्य की सीमा‑बुनियादी ढाँचा योजना की समीक्षा की। दोनों ने चीन सीमा के साथ जुड़े क्षेत्रों में सड़कों, पुलों और लॉजिस्टिक सुविधाओं की वर्तमान स्थिति पर चर्चा की और त्वरित सुधार की आवश्यकता पर बल दिया।
सुरक्षा और स्थानीय विकास दोनों के दृष्टिकोण से मजबूत बुनियादी ढाँचा आवश्यक बताया गया। सभी‑मौसम सड़कों और अग्रिम तैनाती केंद्रों का निर्माण तेज़ troop movement और आपूर्ति श्रृंखला को सुनिश्चित करेगा, साथ ही दूरस्थ क्षेत्रों में बाजार और सेवाओं तक पहुंच भी बेहतर होगी।
राज्य के सार्वजनिक कार्य विभाग और रक्षा मंत्रालय के बीच समन्वय तंत्र को सुदृढ़ करने की भी बात हुई, जिससे परियोजनाओं की समयबद्ध कार्यान्वयन और निगरानी संभव हो सके। जबकि विशिष्ट समय‑सीमा नहीं बताई गई, दोनों ने अनुमोदन प्रक्रिया को तेज़ करने और आवश्यक संसाधन आवंटित करने का संकल्प व्यक्त किया।
विश्लेषकों का मानना है कि यह बैठक नई दिल्ली की पूर्वोत्तर सीमा को सुदृढ़ करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है, विशेषकर चल रहे भू‑राजनीतिक तनावों के मद्देनज़र। मजबूत बुनियादी ढाँचा न केवल प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाएगा, बल्कि आपदा‑प्रतिक्रिया क्षमता को भी सुदृढ़ करेगा।
दोनों पक्ष अगले वर्ष में प्रगति की समीक्षा के लिए पुनः मिलेंगे और कार्यान्वयन में उत्पन्न चुनौतियों को सुलझाने के उपाय तय करेंगे।
सुरक्षा और स्थानीय विकास दोनों के दृष्टिकोण से मजबूत बुनियादी ढाँचा आवश्यक बताया गया। सभी‑मौसम सड़कों और अग्रिम तैनाती केंद्रों का निर्माण तेज़ troop movement और आपूर्ति श्रृंखला को सुनिश्चित करेगा, साथ ही दूरस्थ क्षेत्रों में बाजार और सेवाओं तक पहुंच भी बेहतर होगी।
राज्य के सार्वजनिक कार्य विभाग और रक्षा मंत्रालय के बीच समन्वय तंत्र को सुदृढ़ करने की भी बात हुई, जिससे परियोजनाओं की समयबद्ध कार्यान्वयन और निगरानी संभव हो सके। जबकि विशिष्ट समय‑सीमा नहीं बताई गई, दोनों ने अनुमोदन प्रक्रिया को तेज़ करने और आवश्यक संसाधन आवंटित करने का संकल्प व्यक्त किया।
विश्लेषकों का मानना है कि यह बैठक नई दिल्ली की पूर्वोत्तर सीमा को सुदृढ़ करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है, विशेषकर चल रहे भू‑राजनीतिक तनावों के मद्देनज़र। मजबूत बुनियादी ढाँचा न केवल प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाएगा, बल्कि आपदा‑प्रतिक्रिया क्षमता को भी सुदृढ़ करेगा।
दोनों पक्ष अगले वर्ष में प्रगति की समीक्षा के लिए पुनः मिलेंगे और कार्यान्वयन में उत्पन्न चुनौतियों को सुलझाने के उपाय तय करेंगे।