📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Original: Samudra Bikash Hazarika
Derivative wor
राजनीति
नागालैंड में 5 लाख मतदाताओं को SIR मैपिंग त्रुटियों पर नोटिस मिल सकते हैं
✍️ India Today NE
🗓 21 सित. 2026, 09:31 PM
👁 18
नागालैंड के चुनाव अधिकारियों ने SIR मैपिंग में त्रुटियों के कारण लगभग पाँच लाख मतदाताओं को नोटिस जारी करने की संभावना जताई है।
नागालैंड राज्य निर्वाचन आयोग ने सप्लीमेंटरी इलेक्टोरल रोल (SIR) के मैपिंग में ऐसी असंगतियों को उजागर किया है जो लगभग पाँच लाख पंजीकृत मतदाताओं को प्रभावित कर सकती हैं। एक नियमित डेटाबेस ऑडिट के दौरान इन त्रुटियों का पता चला और अब प्रभावित मतदाताओं को अपने विवरण की पुष्टि या सुधार करने के लिए कहा जाएगा।
जिन मतदाताओं को संभावित त्रुटियों का संकेत मिला है, उन्हें औपचारिक नोटिस भेजे जाएंगे जिसमें निर्दिष्ट सत्यापन केंद्रों पर जाकर आवश्यक दस्तावेज़ प्रस्तुत करने की प्रक्रिया बताई जाएगी। नोटिस में सत्यापन की अंतिम तिथि और आवश्यक कागजातों की सूची भी होगी, जिससे आगामी चुनावों से पहले मतदाता सूची सटीक बनी रहे।
आयोग ने बताया कि यह सत्यापन प्रक्रिया सामान्य सुरक्षा उपाय है और मतदाताओं की किसी भी गलती का संकेत नहीं देती। यह कदम मतदाता सूची में किसी भी प्रकार की ग़लती से बचने और आगामी विधानसभा चुनावों की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।
यदि निर्धारित समय में प्रतिक्रिया नहीं दी गई तो प्रभावित नामों को अस्थायी रूप से सक्रिय सूची से हटा दिया जा सकता है, जिसके बाद आगे की समीक्षा की जाएगी। आयोग ने सभी मतदाताओं से सहयोग करने का अनुरोध किया है ताकि उनके मतदान अधिकार में कोई बाधा न आए।
जिन मतदाताओं को संभावित त्रुटियों का संकेत मिला है, उन्हें औपचारिक नोटिस भेजे जाएंगे जिसमें निर्दिष्ट सत्यापन केंद्रों पर जाकर आवश्यक दस्तावेज़ प्रस्तुत करने की प्रक्रिया बताई जाएगी। नोटिस में सत्यापन की अंतिम तिथि और आवश्यक कागजातों की सूची भी होगी, जिससे आगामी चुनावों से पहले मतदाता सूची सटीक बनी रहे।
आयोग ने बताया कि यह सत्यापन प्रक्रिया सामान्य सुरक्षा उपाय है और मतदाताओं की किसी भी गलती का संकेत नहीं देती। यह कदम मतदाता सूची में किसी भी प्रकार की ग़लती से बचने और आगामी विधानसभा चुनावों की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।
यदि निर्धारित समय में प्रतिक्रिया नहीं दी गई तो प्रभावित नामों को अस्थायी रूप से सक्रिय सूची से हटा दिया जा सकता है, जिसके बाद आगे की समीक्षा की जाएगी। आयोग ने सभी मतदाताओं से सहयोग करने का अनुरोध किया है ताकि उनके मतदान अधिकार में कोई बाधा न आए।