📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ms Sarah Welch
अपराध
भोपाल के मठ पते से 40 नकली पासपोर्ट, एसटीएफ ने 70 धारकों की जांच शुरू
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 11 सित. 2026, 12:32 PM
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जांच में पता चला कि भोपाल के एक मठ के पते से लगभग 40 नकली पासपोर्ट बनवाए गए, जिससे एसटीएफ ने 70 पासपोर्ट धारकों की पहचान और दस्तावेज़ों की जाँच शुरू की।
मध्य प्रदेश की विशेष टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने एक मठ के पते को आधार बनाकर बनवाए गए नकली पासपोर्टों की जाँच शुरू की है। प्रारम्भिक जांच में पता चला है कि इस पते से लगभग 40 पासपोर्ट जारी हुए हैं।
जांच के अनुसार, इन दस्तावेज़ों को पासपोर्ट कार्यालय में प्रस्तुत किया गया, जहाँ मठ का पता आवेदकों के स्थायी निवास के रूप में दिखाया गया। इस प्रकार की धोखाधड़ी ने सत्यापन प्रक्रिया को बायपास कर विदेश यात्रा को संभव बनाया।
एसटीएफ अब इस मामले से जुड़े लगभग 70 व्यक्तियों की पहचान, दस्तावेज़ और पुलिस वेरिफिकेशन की जाँच कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम धोखाधड़ी के पैमाने को समझने और संभावित सहयोगियों को उजागर करने के लिए आवश्यक है।
पुलिस वेरिफिकेशन की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए जा रहे हैं, क्योंकि एक धार्मिक संस्थान के पते का दुरुपयोग इस प्रक्रिया में खामियों को दर्शाता है। जांच जारी है और दोषी पाए जाने पर भारतीय पासपोर्ट अधिनियम के तहत कड़ी सज़ा का प्रावधान है।
जांच के अनुसार, इन दस्तावेज़ों को पासपोर्ट कार्यालय में प्रस्तुत किया गया, जहाँ मठ का पता आवेदकों के स्थायी निवास के रूप में दिखाया गया। इस प्रकार की धोखाधड़ी ने सत्यापन प्रक्रिया को बायपास कर विदेश यात्रा को संभव बनाया।
एसटीएफ अब इस मामले से जुड़े लगभग 70 व्यक्तियों की पहचान, दस्तावेज़ और पुलिस वेरिफिकेशन की जाँच कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम धोखाधड़ी के पैमाने को समझने और संभावित सहयोगियों को उजागर करने के लिए आवश्यक है।
पुलिस वेरिफिकेशन की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए जा रहे हैं, क्योंकि एक धार्मिक संस्थान के पते का दुरुपयोग इस प्रक्रिया में खामियों को दर्शाता है। जांच जारी है और दोषी पाए जाने पर भारतीय पासपोर्ट अधिनियम के तहत कड़ी सज़ा का प्रावधान है।