📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Feroze Ahmad 2
स्वास्थ्य
मंगला एक्सप्रेस में पेंट्री कार के भोजन से 30 स्कूल बच्चों की तबीयत बिगड़ी, ट्रेन रोक कर इलाज
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 29 अग. 2026, 09:51 AM
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शुक्रवार रात देर से, दिल्ली‑एरनाकुलम के मार्ग पर मंगला एक्सप्रेस में 30 स्कूल बच्चों को उल्टी, दस्त और बुखार हो गया, जिससे ट्रेन रोक कर इलाज करवाया गया, जिसमें पाँच बच्चों की हालत गंभीर बताई गई।
दिल्ली के हजरत निजामुद्दीन स्टेशन से एर्नाकुलम के लिए चल रही मंगला एक्सप्रेस को शुक्रवार रात देर से लगभग तीस स्कूल‑छात्रों में उल्टी, दस्त और बुखार की शिकायत मिलने के बाद रोकना पड़ा। ये लक्षण पेंट्री कार के भोजन के तुरंत बाद प्रकट हुए।
रेलवे अधिकारियों ने ट्रेन को नजदीकी स्टेशन पर रुकने का निर्देश दिया और वहां मौजूद मेडिकल टीम ने तुरंत उपचार शुरू किया। बच्चों को निर्जलीकरण और बुखार के लिए दवा दी गई; पाँच गंभीर मामलों को निकटवर्ती अस्पताल में भर्ती कराया गया।
भारतीय रेलवे के प्रवक्ता ने बताया कि पेंट्री कार के भोजन की जांच स्वास्थ्य निरीक्षकों द्वारा की जाएगी ताकि कारण पता चल सके। सभी पेंट्री सेवाओं को खाद्य‑सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने का आदेश दिया गया है।
अन्य यात्रियों में ऐसी कोई शिकायत नहीं आई है और प्रभावित बच्चों के डॉक्टर की मंजूरी मिलने के बाद ट्रेन अपनी यात्रा जारी रखेगी।
यह घटना लंबी दूरी की ट्रेनों में भोजन की स्वच्छता से जुड़ी चिंताओं को फिर से उजागर करती है, जिससे कड़ी निगरानी और त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली की मांग बढ़ रही है।
रेलवे अधिकारियों ने ट्रेन को नजदीकी स्टेशन पर रुकने का निर्देश दिया और वहां मौजूद मेडिकल टीम ने तुरंत उपचार शुरू किया। बच्चों को निर्जलीकरण और बुखार के लिए दवा दी गई; पाँच गंभीर मामलों को निकटवर्ती अस्पताल में भर्ती कराया गया।
भारतीय रेलवे के प्रवक्ता ने बताया कि पेंट्री कार के भोजन की जांच स्वास्थ्य निरीक्षकों द्वारा की जाएगी ताकि कारण पता चल सके। सभी पेंट्री सेवाओं को खाद्य‑सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने का आदेश दिया गया है।
अन्य यात्रियों में ऐसी कोई शिकायत नहीं आई है और प्रभावित बच्चों के डॉक्टर की मंजूरी मिलने के बाद ट्रेन अपनी यात्रा जारी रखेगी।
यह घटना लंबी दूरी की ट्रेनों में भोजन की स्वच्छता से जुड़ी चिंताओं को फिर से उजागर करती है, जिससे कड़ी निगरानी और त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली की मांग बढ़ रही है।