📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Gurtej Chauhan
राजनीति
एपीसीसी ने यूएन मानचित्र में अरुणाचल और लद्दाख को चीन के हिस्से के रूप में दिखाने पर जताई चिंता
✍️ The Arunachal Times
🗓 11 सित. 2026, 04:04 AM
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अरुणाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने यूएन मानचित्र में अरुणाचल और लद्दाख को चीन का हिस्सा दिखाने पर औपचारिक आपत्ति जताई है।
अरुणाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एपीसीसी) ने हाल ही में जारी यूएन मानचित्र में अरुणाचल प्रदेश और लद्दाख को चीन का हिस्सा दिखाने पर तीव्र असंतोष व्यक्त किया है। समिति ने कहा कि इस प्रकार की चित्रण भारत की संप्रभुता को कमजोर करती है और सीमा क्षेत्रों में बाहरी हस्तक्षेप को बढ़ावा दे सकती है।
एपीसीसी के अनुसार, 1962 के युद्ध और बाद के समझौतों के बाद स्थापित अंतरराष्ट्रीय मान्य सीमाओं को यह मानचित्र नजरअंदाज कर रहा है। समिति ने यूएन से इस त्रुटि को सुधारने का आग्रह किया और केंद्र सरकार से इस मुद्दे को उच्चतम स्तर पर उठाने का अनुरोध किया।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि एपीसीसी की यह आपत्ति भारत की व्यापक सीमा‑चित्र संबंधी चिंताओं के साथ मेल खाती है, जहाँ गलत मानचित्रों का उपयोग पड़ोसी देशों के दावे को वैध बनाने के लिए किया जा सकता है। यह बयान अंतरराष्ट्रीय मंचों में सटीक प्रतिनिधित्व की आवश्यकता को रेखांकित करता है।
एपीसीसी के अनुसार, 1962 के युद्ध और बाद के समझौतों के बाद स्थापित अंतरराष्ट्रीय मान्य सीमाओं को यह मानचित्र नजरअंदाज कर रहा है। समिति ने यूएन से इस त्रुटि को सुधारने का आग्रह किया और केंद्र सरकार से इस मुद्दे को उच्चतम स्तर पर उठाने का अनुरोध किया।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि एपीसीसी की यह आपत्ति भारत की व्यापक सीमा‑चित्र संबंधी चिंताओं के साथ मेल खाती है, जहाँ गलत मानचित्रों का उपयोग पड़ोसी देशों के दावे को वैध बनाने के लिए किया जा सकता है। यह बयान अंतरराष्ट्रीय मंचों में सटीक प्रतिनिधित्व की आवश्यकता को रेखांकित करता है।