📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Saiphani02
बिज़नेस
एपी हाई कोर्ट ने एसबीआई को 23 साल से रोके विरासत को जारी करने का आदेश
✍️ The Indian Express
🗓 09 सित. 2026, 02:04 PM
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एपी हाई कोर्ट ने एसबीआई को 23 साल से रोकी गई महिला की विरासत लौटाने का निर्देश दिया।
अंध्र प्रदेश हाई कोर्ट ने राज्य बैंक ऑफ़ इंडिया को 23 साल से रखी जा रही विरासत को तुरंत लौटाने का आदेश दिया है। यह आदेश उस महिला की याचिका के बाद आया, जिसने अपने परिवार की संपत्ति के हस्तांतरण की मांग की थी।
कोर्ट के दस्तावेज़ों के अनुसार, यह विरासत लगभग 23 साल पहले एक रिश्तेदार की मृत्यु के बाद एसबीआई के पास जमा कराई गई थी। महिला का दावा है कि बैंक ने न तो धनराशि हस्तांतरित की और न ही संपत्ति की स्पष्ट स्थिति प्रदान की, जिससे वह न्यायालय में गई।
निर्णय में बेंच ने बैंक को रखी गई संपत्ति का विस्तृत विवरण देने और बिना किसी देरी के rightful heir को विरासत सौंपने का निर्देश दिया। यह आदेश व्यक्तिगत संपत्ति अधिकारों की रक्षा में न्यायपालिका की भूमिका को रेखांकित करता है।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला बैंकों में निष्क्रिय या विवादित खातों के प्रबंधन में मौजूद प्रक्रियात्मक खामियों को उजागर करता है, और इस फैसले से अन्य दावेदारों को समान राहत के लिए न्यायालय में जाने की प्रेरणा मिल सकती है।
कोर्ट के दस्तावेज़ों के अनुसार, यह विरासत लगभग 23 साल पहले एक रिश्तेदार की मृत्यु के बाद एसबीआई के पास जमा कराई गई थी। महिला का दावा है कि बैंक ने न तो धनराशि हस्तांतरित की और न ही संपत्ति की स्पष्ट स्थिति प्रदान की, जिससे वह न्यायालय में गई।
निर्णय में बेंच ने बैंक को रखी गई संपत्ति का विस्तृत विवरण देने और बिना किसी देरी के rightful heir को विरासत सौंपने का निर्देश दिया। यह आदेश व्यक्तिगत संपत्ति अधिकारों की रक्षा में न्यायपालिका की भूमिका को रेखांकित करता है।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला बैंकों में निष्क्रिय या विवादित खातों के प्रबंधन में मौजूद प्रक्रियात्मक खामियों को उजागर करता है, और इस फैसले से अन्य दावेदारों को समान राहत के लिए न्यायालय में जाने की प्रेरणा मिल सकती है।