📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Arunshariharan
राजनीति
अननामलाई ने उडुपी में यूपीआई शुल्क पर केंद्र को चेतावनी दी
✍️ India Today
🗓 26 अक्टू. 2026, 04:38 PM
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कर्नाटक के भाजपा के किले उडुपी के स्थानीय नेता अननामलाई ने केंद्र सरकार को बढ़ते यूपीआई शुल्क के बारे में चेतावनी दी, शुल्क संरचना की समीक्षा का आग्रह किया।
यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफ़ेस (UPI) भारत में डिजिटल भुगतान का एक प्रमुख माध्यम बन गया है, परंतु लेनदेन पर लगने वाले शुल्कों पर कई पक्षों ने आलोचना की है। भाजपा के किले उडुपी में, स्थानीय नेता अननामलाई ने केंद्र सरकार को सार्वजनिक रूप से चेतावनी दी है कि वर्तमान शुल्क संरचना छोटे व्यापारियों और उपभोक्ताओं के लिए अस्थिर हो रही है।
अननामलाई, जो दशक से अधिक समय से नगरपालिका परिषद में कार्यरत हैं, ने हाल ही में बढ़ते लेनदेन लागत का हवाला देते हुए कहा कि यह उडुपी के खुदरा क्षेत्र की प्रतिस्पर्धात्मकता को घटा रहा है। उन्होंने वित्त मंत्रालय से शुल्क कैप्स की समीक्षा करने और एक अधिक न्यायसंगत मॉडल अपनाने का आग्रह किया।
कर्नाटक की भाजपा इकाई ने अननामलाई की चिंताओं का समर्थन किया है, यह कहते हुए कि पार्टी एक अधिक न्यायसंगत शुल्क व्यवस्था के लिए लॉबी करेगी। हालांकि, नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के अधिकारियों ने बताया है कि वर्तमान दरें उद्योग मानकों के अनुरूप हैं और पूरे देश में डिजिटल भुगतान अवसंरचना को बनाए रखने के लिए आवश्यक हैं।
यदि केंद्र सरकार इस मुद्दे को संबोधित नहीं करती है, तो उडुपी के व्यापारियों को बढ़ते लागत का सामना करना पड़ सकता है, जो उपभोक्ताओं के लिए उच्च कीमतों में परिणत हो सकता है, और क्षेत्र की आर्थिक वृद्धि व भाजपा के चुनावी संभावनाओं पर प्रभाव डाल सकता है।
अननामलाई, जो दशक से अधिक समय से नगरपालिका परिषद में कार्यरत हैं, ने हाल ही में बढ़ते लेनदेन लागत का हवाला देते हुए कहा कि यह उडुपी के खुदरा क्षेत्र की प्रतिस्पर्धात्मकता को घटा रहा है। उन्होंने वित्त मंत्रालय से शुल्क कैप्स की समीक्षा करने और एक अधिक न्यायसंगत मॉडल अपनाने का आग्रह किया।
कर्नाटक की भाजपा इकाई ने अननामलाई की चिंताओं का समर्थन किया है, यह कहते हुए कि पार्टी एक अधिक न्यायसंगत शुल्क व्यवस्था के लिए लॉबी करेगी। हालांकि, नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के अधिकारियों ने बताया है कि वर्तमान दरें उद्योग मानकों के अनुरूप हैं और पूरे देश में डिजिटल भुगतान अवसंरचना को बनाए रखने के लिए आवश्यक हैं।
यदि केंद्र सरकार इस मुद्दे को संबोधित नहीं करती है, तो उडुपी के व्यापारियों को बढ़ते लागत का सामना करना पड़ सकता है, जो उपभोक्ताओं के लिए उच्च कीमतों में परिणत हो सकता है, और क्षेत्र की आर्थिक वृद्धि व भाजपा के चुनावी संभावनाओं पर प्रभाव डाल सकता है।