📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Dawn Elder
शिक्षा
आंगनवाड़ी सहायिका के बेटे ने पाँच साल बाद PSC पास कर असिस्टेंट प्रोफेसर बने
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 22 सित. 2026, 01:46 PM
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पांच साल की लगातार असफलताओं के बाद, आंगनवाड़ी सहायिका के बेटे ने राज्य PSC परीक्षा पास कर असिस्टेंट प्रोफेसर का पद हासिल किया, जिससे परिवार और स्थानीय लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई।
मध्य प्रदेश के एक आंगनवाड़ी सहायिका के बेटे ने लगातार पाँच साल तक पीएससी परीक्षा में असफलता झेलने के बाद आखिरकार सफलता हासिल की। कई बार परीक्षा में बैठने के बावजूद वह कट‑ऑफ अंक नहीं पा सका, पर हार न मानते हुए लगातार तैयारी करता रहा।
हाल ही में आयोजित पीएससी परीक्षा में उसने आवश्यक अंक प्राप्त कर असिस्टेंट प्रोफेसर के पद के लिए चयनित हो गया। यह नियुक्ति उसके लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ है, जिससे वह अब एक स्थिर शैक्षणिक करियर की ओर बढ़ रहा है।
परिवार, उसके पूर्व शिक्षक और पड़ोसियों ने इस उपलब्धि पर खुशी जताई, यह बताया कि उसकी माँ, जो आंगनवाड़ी सहायक के रूप में कार्य करती हैं, ने हमेशा उसे प्रोत्साहित किया। सभी ने उसकी दृढ़ता और मेहनत की सराहना की।
स्थानीय शिक्षा अधिकारियों ने कहा कि इस तरह की कहानियाँ यह दर्शाती हैं कि उचित तैयारी और निरंतर प्रयास से आर्थिक रूप से सीमित पृष्ठभूमि के उम्मीदवार भी सफल हो सकते हैं। नया असिस्टेंट प्रोफेसर आगामी शैक्षणिक सत्र से अपने कर्तव्यों का पालन करेगा।
हाल ही में आयोजित पीएससी परीक्षा में उसने आवश्यक अंक प्राप्त कर असिस्टेंट प्रोफेसर के पद के लिए चयनित हो गया। यह नियुक्ति उसके लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ है, जिससे वह अब एक स्थिर शैक्षणिक करियर की ओर बढ़ रहा है।
परिवार, उसके पूर्व शिक्षक और पड़ोसियों ने इस उपलब्धि पर खुशी जताई, यह बताया कि उसकी माँ, जो आंगनवाड़ी सहायक के रूप में कार्य करती हैं, ने हमेशा उसे प्रोत्साहित किया। सभी ने उसकी दृढ़ता और मेहनत की सराहना की।
स्थानीय शिक्षा अधिकारियों ने कहा कि इस तरह की कहानियाँ यह दर्शाती हैं कि उचित तैयारी और निरंतर प्रयास से आर्थिक रूप से सीमित पृष्ठभूमि के उम्मीदवार भी सफल हो सकते हैं। नया असिस्टेंट प्रोफेसर आगामी शैक्षणिक सत्र से अपने कर्तव्यों का पालन करेगा।