📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Krishna Subrahmanyam
ऑटोमोबाइल
आंध्र प्रदेश में इलेक्ट्रिक कारों की बढ़ती मांग के बावजूद चार्जिंग नेटवर्क में खाई
✍️ The Hindu
🗓 31 अक्टू. 2026, 02:44 PM
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इलेक्ट्रिक वाहन की बिक्री में तेज़ी से बढ़ोतरी हो रही है, फिर भी आंध्र प्रदेश में चार्जिंग बुनियादी ढांचा असमान है, जिससे कई मालिकों को विश्वसनीय ऊर्जा नहीं मिल पा रही।
इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) की खरीद में देश भर में तेज़ी से बढ़ोतरी हो रही है, बिक्री के आंकड़े लगातार नई ऊँचाइयों को छू रहे हैं और उपभोक्ता स्वच्छ परिवहन को अपना रहे हैं। आंध्र प्रदेश में इस बढ़ती मांग के मुकाबले चार्जिंग बुनियादी ढांचा अभी भी पर्याप्त नहीं है, जिससे कई मालिकों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
राज्य के अधिकारी मानते हैं कि सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन मुख्यतः विशाखापत्तनम और विजयवाड़ा जैसे बड़े शहरों में ही केंद्रित हैं, जबकि छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में अभी तक एक भी स्टेशन नहीं है। इस असमानता के कारण ड्राइवरों को अपनी यात्रा की योजना सीमित चार्जिंग पॉइंट्स के आसपास बनानी पड़ती है, और अपार्टमेंट में रहने वाले लोगों के लिए घर पर चार्ज करना संभव नहीं है।
आंध्र प्रदेश सरकार ने नेटवर्क का विस्तार करने के लिए निजी कंपनियों को सब्सिडी देने और नई स्थापितियों के लिए अनुमोदन प्रक्रिया को सरल बनाने की घोषणा की है। उद्योग के कई खिलाड़ी भी इस क्षेत्र में प्रवेश कर रहे हैं, परंतु उनकी गति अभी तक मांग के स्तर से मेल नहीं खा पा रही, जिससे चार्जिंग व्यवस्था अभी भी टुकड़े‑टुकड़े है।
उपभोक्ताओं ने मिश्रित अनुभवों की रिपोर्ट की है: बड़े शहरों में तेज़ चार्जिंग हब उपलब्ध हैं, जबकि कम सेवा वाले मार्गों पर लंबी कतारें या चार्जिंग की कमी का सामना करना पड़ता है। यह अंतर नीति‑निर्माताओं और निवेशकों को समन्वित कदम उठाने की आवश्यकता को रेखांकित करता है, ताकि राज्य की ईवी वृद्धि के साथ बुनियादी ढांचा भी समान गति से विकसित हो सके।
राज्य के अधिकारी मानते हैं कि सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन मुख्यतः विशाखापत्तनम और विजयवाड़ा जैसे बड़े शहरों में ही केंद्रित हैं, जबकि छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में अभी तक एक भी स्टेशन नहीं है। इस असमानता के कारण ड्राइवरों को अपनी यात्रा की योजना सीमित चार्जिंग पॉइंट्स के आसपास बनानी पड़ती है, और अपार्टमेंट में रहने वाले लोगों के लिए घर पर चार्ज करना संभव नहीं है।
आंध्र प्रदेश सरकार ने नेटवर्क का विस्तार करने के लिए निजी कंपनियों को सब्सिडी देने और नई स्थापितियों के लिए अनुमोदन प्रक्रिया को सरल बनाने की घोषणा की है। उद्योग के कई खिलाड़ी भी इस क्षेत्र में प्रवेश कर रहे हैं, परंतु उनकी गति अभी तक मांग के स्तर से मेल नहीं खा पा रही, जिससे चार्जिंग व्यवस्था अभी भी टुकड़े‑टुकड़े है।
उपभोक्ताओं ने मिश्रित अनुभवों की रिपोर्ट की है: बड़े शहरों में तेज़ चार्जिंग हब उपलब्ध हैं, जबकि कम सेवा वाले मार्गों पर लंबी कतारें या चार्जिंग की कमी का सामना करना पड़ता है। यह अंतर नीति‑निर्माताओं और निवेशकों को समन्वित कदम उठाने की आवश्यकता को रेखांकित करता है, ताकि राज्य की ईवी वृद्धि के साथ बुनियादी ढांचा भी समान गति से विकसित हो सके।