📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Arjunaraoc
सरकारी योजना
मिस्टी योजना में मँग्रोव पुनर्स्थापना के लिए आंध्र प्रदेश को दूसरा स्थान
✍️ DD India
🗓 27 जुल. 2026, 01:48 PM
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मिस्टी योजना के अंतर्गत मँग्रोव पुनर्स्थापना में आंध्र प्रदेश को दूसरे स्थान पर रखा गया है, जो तटीय पारिस्थितिकी तंत्र प्रबंधन में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाता है।
आंध्र प्रदेश के मँग्रोव पुनर्स्थापन प्रयासों को पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की मिस्टी योजना के अंतर्गत मान्यता मिली है, जिससे राज्य को सभी राज्यों में दूसरा स्थान मिला है।
मिस्टी योजना का उद्देश्य भारत के तटीय क्षेत्रों में मँग्रोव पारिस्थितिकी तंत्र की पुनर्स्थापना और प्रबंधन करना है, जिससे जैव विविधता बढ़े, तटीय कटाव से सुरक्षा मिले और आजीविका का समर्थन हो।
आंध्र प्रदेश के प्रोजेक्ट में कई जिलों में हजारों मँग्रोव पौधों की रोपाई की गई, जिससे मँग्रोव वन क्षेत्र में उल्लेखनीय वृद्धि हुई और कार्बन अवशोषण व तटीय लचीलापन बढ़ा।
इस उपलब्धि से यह स्पष्ट होता है कि समन्वित संरक्षण पहल कितनी महत्वपूर्ण है और अन्य राज्यों के लिए तटीय पर्यावरण की रक्षा में एक मानक स्थापित करती है।
मिस्टी योजना का उद्देश्य भारत के तटीय क्षेत्रों में मँग्रोव पारिस्थितिकी तंत्र की पुनर्स्थापना और प्रबंधन करना है, जिससे जैव विविधता बढ़े, तटीय कटाव से सुरक्षा मिले और आजीविका का समर्थन हो।
आंध्र प्रदेश के प्रोजेक्ट में कई जिलों में हजारों मँग्रोव पौधों की रोपाई की गई, जिससे मँग्रोव वन क्षेत्र में उल्लेखनीय वृद्धि हुई और कार्बन अवशोषण व तटीय लचीलापन बढ़ा।
इस उपलब्धि से यह स्पष्ट होता है कि समन्वित संरक्षण पहल कितनी महत्वपूर्ण है और अन्य राज्यों के लिए तटीय पर्यावरण की रक्षा में एक मानक स्थापित करती है।