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बिज़नेस
अंध्र प्रदेश के मंत्री लोकेश ने गुजरात कंपनियों को विकास साझेदारी के लिए आमंत्रित किया
✍️ newindianexpress.com
🗓 26 सित. 2026, 05:01 PM
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मंत्री लोकेश ने गुजरात की कंपनियों से अंध्र प्रदेश के बुनियादी ढाँचे और औद्योगिक परियोजनाओं में सहयोग करने का आग्रह किया, जिससे निवेश और रोजगार में वृद्धि हो सके।
अंध्र प्रदेश के विकास मंत्री लोकेश ने गुजरात के उद्योगपतियों को राज्य की विकास पहलों में भाग लेने का आह्वान किया। एक प्रेस ब्रीफ़िंग में उन्होंने बताया कि बुनियादी ढाँचे के बड़े‑पैमाने के प्रोजेक्ट, जैसे सड़क, बंदरगाह और नवीकरणीय ऊर्जा सुविधाएँ, को तेज करने के लिए विविध निवेश की आवश्यकता है।
लोकेश ने कहा कि गुजरात की औद्योगिक विशेषज्ञता और पूँजी अंध्र प्रदेश की रणनीतिक स्थिति और नीतिगत प्रोत्साहनों के साथ मिलकर दोनों क्षेत्रों के लिए लाभदायक होगी। राज्य सरकार इच्छुक कंपनियों को तेज़ मंजूरी और वित्तीय लाभ प्रदान करने के लिए तैयार है।
यह पहल अंध्र प्रदेश की व्यापक योजना के अनुरूप है, जिसका लक्ष्य राज्य को विनिर्माण और स्वच्छ ऊर्जा का केंद्र बनाना और अगले वित्तीय वर्ष में निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाना है। अभी तक कोई विशिष्ट कंपनी इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं कर पाई है, पर यह संकेत देता है कि निवेश आधार को विस्तारित करने की दिशा में सक्रिय कदम उठाए जा रहे हैं।
लोकेश ने गुजरात के उद्यमियों से राज्य की निवेश प्रोत्साहन एजेंसियों से संपर्क कर ठोस परियोजना प्रस्तावों पर चर्चा करने का आग्रह किया, जिससे रोजगार सृजन और दोनों राज्यों में आर्थिक उत्थान की संभावनाएँ बढ़ेंगी।
लोकेश ने कहा कि गुजरात की औद्योगिक विशेषज्ञता और पूँजी अंध्र प्रदेश की रणनीतिक स्थिति और नीतिगत प्रोत्साहनों के साथ मिलकर दोनों क्षेत्रों के लिए लाभदायक होगी। राज्य सरकार इच्छुक कंपनियों को तेज़ मंजूरी और वित्तीय लाभ प्रदान करने के लिए तैयार है।
यह पहल अंध्र प्रदेश की व्यापक योजना के अनुरूप है, जिसका लक्ष्य राज्य को विनिर्माण और स्वच्छ ऊर्जा का केंद्र बनाना और अगले वित्तीय वर्ष में निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाना है। अभी तक कोई विशिष्ट कंपनी इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं कर पाई है, पर यह संकेत देता है कि निवेश आधार को विस्तारित करने की दिशा में सक्रिय कदम उठाए जा रहे हैं।
लोकेश ने गुजरात के उद्यमियों से राज्य की निवेश प्रोत्साहन एजेंसियों से संपर्क कर ठोस परियोजना प्रस्तावों पर चर्चा करने का आग्रह किया, जिससे रोजगार सृजन और दोनों राज्यों में आर्थिक उत्थान की संभावनाएँ बढ़ेंगी।