📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Arjunaraoc
शिक्षा
आंध्र प्रदेश सरकार ने निजी मेडिकल व डेंटल कॉलेजों के लिए अंतरिम शुल्क संरचना की घोषणा की
✍️ The Hindu
🗓 29 अग. 2026, 11:33 PM
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आंध्र प्रदेश सरकार ने निजी मेडिकल और डेंटल कॉलेजों के लिए अंतरिम शुल्क संरचना जारी की, जिसमें आगामी शैक्षणिक सत्र के लिए ट्यूशन फीस निर्धारित की गई है।
आंध्र प्रदेश सरकार ने राज्य के सभी निजी मेडिकल और डेंटल कॉलेजों के लिए एक अंतरिम शुल्क संरचना जारी की है। स्वास्थ्य, शिक्षा व मानव संसाधन विकास विभाग ने इस अधिसूचना के माध्यम से अगले शैक्षणिक वर्ष के लिए स्नातक पाठ्यक्रमों की ट्यूशन फीस पर सीमा निर्धारित की, जिससे पारदर्शिता और किफायती शिक्षा को बढ़ावा दिया जा सके।
नई व्यवस्था के तहत निजी संस्थानों को निर्धारित शुल्क सीमा का पालन करना अनिवार्य है, जबकि प्रयोगशाला, पुस्तकालय और अन्य सहायक सेवाओं के लिए अतिरिक्त शुल्क केवल नियामक अनुमोदन के बाद ही ले सकते हैं। सरकार ने कॉलेजों को अपनी वेबसाइट पर शुल्क विवरण प्रकाशित करने और परिसर में स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने का निर्देश दिया है।
यह कदम पेशेवर पाठ्यक्रमों की बढ़ती लागत को लेकर छात्रों और अभिभावकों की चिंताओं के जवाब में उठाया गया है। अधिकारियों ने कहा कि यह अंतरिम योजना स्थायी शुल्क नीति तैयार होने तक लागू रहेगी, जिसके लिए विभिन्न हितधारकों से परामर्श किया जाएगा।
यह अधिसूचना सभी मान्यताप्राप्त निजी मेडिकल और डेंटल कॉलेजों पर लागू होगी, और अनुपालन न करने वाले संस्थानों को मान्यता रद्द सहित दंड का सामना करना पड़ सकता है।
हितधारकों को इस अंतरिम संरचना पर अपने सुझाव और प्रतिक्रिया निर्धारित अवधि के भीतर प्रस्तुत करने का अनुरोध किया गया है, जिसके बाद सरकार अंतिम शुल्क नियमावली जारी करेगी।
नई व्यवस्था के तहत निजी संस्थानों को निर्धारित शुल्क सीमा का पालन करना अनिवार्य है, जबकि प्रयोगशाला, पुस्तकालय और अन्य सहायक सेवाओं के लिए अतिरिक्त शुल्क केवल नियामक अनुमोदन के बाद ही ले सकते हैं। सरकार ने कॉलेजों को अपनी वेबसाइट पर शुल्क विवरण प्रकाशित करने और परिसर में स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने का निर्देश दिया है।
यह कदम पेशेवर पाठ्यक्रमों की बढ़ती लागत को लेकर छात्रों और अभिभावकों की चिंताओं के जवाब में उठाया गया है। अधिकारियों ने कहा कि यह अंतरिम योजना स्थायी शुल्क नीति तैयार होने तक लागू रहेगी, जिसके लिए विभिन्न हितधारकों से परामर्श किया जाएगा।
यह अधिसूचना सभी मान्यताप्राप्त निजी मेडिकल और डेंटल कॉलेजों पर लागू होगी, और अनुपालन न करने वाले संस्थानों को मान्यता रद्द सहित दंड का सामना करना पड़ सकता है।
हितधारकों को इस अंतरिम संरचना पर अपने सुझाव और प्रतिक्रिया निर्धारित अवधि के भीतर प्रस्तुत करने का अनुरोध किया गया है, जिसके बाद सरकार अंतिम शुल्क नियमावली जारी करेगी।