📷 चित्र स्रोत: Flickr (CC)
विज्ञान
मधुबनी के बलिराजगढ़ में मिले 3000 साल पुराने शहर के अवशेष, मिथिला का स्वर्णिम इतिहास आया सामने
✍️ Amar Ujala · Darbhanga
🗓 06 जुल. 2026, 02:01 AM
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मधुबनी, बिहार के ऐतिहासिक बलिराजगढ़ में चल रही पुरातात्विक खुदाई में 3000 साल पुराने विकसित शहरी सभ्यता के प्रमाण मिले हैं, जिसमें प्राचीन संरचनाएं और कलाकृतियां शामिल हैं।
बिहार के मधुबनी जिले में स्थित ऐतिहासिक बलिराजगढ़ में इन दिनों वैज्ञानिक खुदाई का कार्य चल रहा है। इस खुदाई के दौरान लगभग 3000 साल पुराने एक विकसित शहरी सभ्यता के महत्वपूर्ण प्रमाण मिले हैं।
खुदाई में प्राचीन ईंटों की दीवारें, आंगन और फर्श के अवशेष मिले हैं, जो सुनियोजित निर्माण की ओर इशारा करते हैं। इसके साथ ही, एक कुआं, जल निकासी प्रणाली, सिक्के, मुहरें और मिट्टी की मूर्तियां भी बरामद हुई हैं, जो इस क्षेत्र के प्राचीन इतिहास को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
इन पुरातात्विक खोजों से मिथिलांचल के स्वर्णिम इतिहास पर प्रकाश पड़ रहा है। यह पता चल रहा है कि हजारों साल पहले इस क्षेत्र में एक उन्नत और सुव्यवस्थित सभ्यता का विकास हुआ था। प्राप्त अवशेष उस काल के सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक जीवन की जानकारी प्रदान करने में सहायक होंगे।
खुदाई में प्राचीन ईंटों की दीवारें, आंगन और फर्श के अवशेष मिले हैं, जो सुनियोजित निर्माण की ओर इशारा करते हैं। इसके साथ ही, एक कुआं, जल निकासी प्रणाली, सिक्के, मुहरें और मिट्टी की मूर्तियां भी बरामद हुई हैं, जो इस क्षेत्र के प्राचीन इतिहास को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
इन पुरातात्विक खोजों से मिथिलांचल के स्वर्णिम इतिहास पर प्रकाश पड़ रहा है। यह पता चल रहा है कि हजारों साल पहले इस क्षेत्र में एक उन्नत और सुव्यवस्थित सभ्यता का विकास हुआ था। प्राप्त अवशेष उस काल के सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक जीवन की जानकारी प्रदान करने में सहायक होंगे।