📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Cooperation
राजनीति
अमित शाह ने भारत की परम्पराओं, पांडुलिपियों और अभिलेखों के संरक्षण की अपील की
✍️ Mid-Day
🗓 13 सित. 2026, 10:46 PM
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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भारत की सांस्कृतिक परम्पराओं, ऐतिहासिक पांडुलिपियों और अभिलेखों के संरक्षण की आवश्यकता पर बल दिया।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक पांडुलिपियों और अभिलेखों के संरक्षण की आवश्यकता पर ज़ोर दिया। मध्य‑डे द्वारा प्रकाशित बयान में शाह ने कहा कि ये संसाधन हमारे अतीत से जुड़ी महत्वपूर्ण कड़ियाँ हैं और भविष्य की पीढ़ियों को शिक्षित करने में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने सरकार, विद्वानों और जनता से इन धरोहरों को उपेक्षा और क्षरण से बचाने के लिए मिलकर काम करने का आह्वान किया।
शाह ने इस बात को रेखांकित किया कि मौजूदा समय में कई पुरानी पांडुलिपियों और परम्पराओं का नुकसान हो रहा है, इसलिए संरक्षण के लिए अधिक निधि, डिजिटलकरण और कड़े नियमों की जरूरत है। यह अपील देश के सांस्कृतिक संरक्षण के व्यापक एजेंडे के तहत आती है, जिसका उद्देश्य भारत की विविध परम्पराओं को सुरक्षित रखना है।
संग्रहालयों, पुस्तकालयों और शैक्षणिक संस्थानों को संरक्षण परियोजनाओं को प्राथमिकता देने और आधुनिक तकनीकों को अपनाने के लिए कहा गया है। मंत्री के इस बयान से राष्ट्रीय दस्तावेज़ी और सांस्कृतिक धरोहर को बचाने के लिए नई ऊर्जा का संचार हुआ है।
शाह ने इस बात को रेखांकित किया कि मौजूदा समय में कई पुरानी पांडुलिपियों और परम्पराओं का नुकसान हो रहा है, इसलिए संरक्षण के लिए अधिक निधि, डिजिटलकरण और कड़े नियमों की जरूरत है। यह अपील देश के सांस्कृतिक संरक्षण के व्यापक एजेंडे के तहत आती है, जिसका उद्देश्य भारत की विविध परम्पराओं को सुरक्षित रखना है।
संग्रहालयों, पुस्तकालयों और शैक्षणिक संस्थानों को संरक्षण परियोजनाओं को प्राथमिकता देने और आधुनिक तकनीकों को अपनाने के लिए कहा गया है। मंत्री के इस बयान से राष्ट्रीय दस्तावेज़ी और सांस्कृतिक धरोहर को बचाने के लिए नई ऊर्जा का संचार हुआ है।