📷 चित्र स्रोत: Indian Express (via NewsData)
राजनीति
अमित शाह ने 2029 तक भारत को नशामुक्त बनाने का रोडमैप पेश किया
✍️ Indian Express
🗓 07 सित. 2026, 07:32 AM
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गृह मंत्री अमित शाह ने 2029 तक भारत को नशामुक्त बनाने के लिए एक विस्तृत योजना का खुलासा किया, जिसमें प्रमुख कदम और समय‑सीमा बताई गई।
नई दिल्ली – गृह मंत्री अमित शाह ने टेलीविज़न संबोधन में मादक द्रव्यों के खिलाफ लड़ाई को देश की सबसे बड़ी चुनौती बताया और 2029 तक भारत को नशामुक्त बनाने के लिए विस्तृत रोडमैप पेश किया। उन्होंने बताया कि इस योजना में कड़ी कानून प्रवर्तन, पुनर्वास सुविधाओं का विस्तार और जनजागरूकता अभियानों को जोड़ा गया है।
योजना के तहत प्रत्येक राज्य में विशेष एंटी‑ड्रग इकाइयों की स्थापना, तस्करी नेटवर्क की निगरानी के लिए उन्नत तकनीक का उपयोग और मादक पदार्थ उपयोगकर्ताओं के लिए अतिरिक्त डि‑ऐडिक्शन सेंटर खोलना शामिल है। केंद्र‑राज्य सहयोग और पड़ोसी देशों के साथ समन्वय को मजबूत कर सीमा पार तस्करी को रोका जाएगा।
एक चरणबद्ध समय‑सीमा निर्धारित की गई है, जिसमें दो वर्षों में मादक द्रव्यों से जुड़ी गिरफ़्तारी और जब्ती में 30% कमी का पहला लक्ष्य रखा गया है, उसके बाद पुनर्वास क्षमता में क्रमिक वृद्धि होगी। सरकार प्रगति को त्रैमासिक रिपोर्टों के माध्यम से ट्रैक करेगी और आवश्यकतानुसार उपायों में बदलाव करेगी।
शाह ने नागरिक समाज, शैक्षणिक संस्थानों और निजी क्षेत्र से इस पहल में सहयोग करने का आग्रह किया, यह कहते हुए कि नशामुक्त भारत के लिए सामूहिक जिम्मेदारी और सतत सतर्कता आवश्यक है।
यह रोडमैप अगले सप्ताह कैबिनेट को प्रस्तुत किया जाएगा, जिसके बाद 2025 की शुरुआत में कार्यान्वयन शुरू होने की उम्मीद है।
योजना के तहत प्रत्येक राज्य में विशेष एंटी‑ड्रग इकाइयों की स्थापना, तस्करी नेटवर्क की निगरानी के लिए उन्नत तकनीक का उपयोग और मादक पदार्थ उपयोगकर्ताओं के लिए अतिरिक्त डि‑ऐडिक्शन सेंटर खोलना शामिल है। केंद्र‑राज्य सहयोग और पड़ोसी देशों के साथ समन्वय को मजबूत कर सीमा पार तस्करी को रोका जाएगा।
एक चरणबद्ध समय‑सीमा निर्धारित की गई है, जिसमें दो वर्षों में मादक द्रव्यों से जुड़ी गिरफ़्तारी और जब्ती में 30% कमी का पहला लक्ष्य रखा गया है, उसके बाद पुनर्वास क्षमता में क्रमिक वृद्धि होगी। सरकार प्रगति को त्रैमासिक रिपोर्टों के माध्यम से ट्रैक करेगी और आवश्यकतानुसार उपायों में बदलाव करेगी।
शाह ने नागरिक समाज, शैक्षणिक संस्थानों और निजी क्षेत्र से इस पहल में सहयोग करने का आग्रह किया, यह कहते हुए कि नशामुक्त भारत के लिए सामूहिक जिम्मेदारी और सतत सतर्कता आवश्यक है।
यह रोडमैप अगले सप्ताह कैबिनेट को प्रस्तुत किया जाएगा, जिसके बाद 2025 की शुरुआत में कार्यान्वयन शुरू होने की उम्मीद है।