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अम्बेडकरनगर में 168 जोड़ों का सामूहिक विवाह सम्पन्न, जनप्रतिनिधियों ने दिया आशीर्वाद
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत बुधवार को अम्बेडकरनगर में तीन अलग-अलग विवाह स्थलों पर 168 जोड़ों का सामूहिक विवाह हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ।
अम्बेडकरनगर, 28 अक्टूबर – मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत बुधवार को जनपद अम्बेडकरनगर में तीन अलग-अलग विवाह स्थलों पर कुल 168 जोड़ों का सामूहिक विवाह हर्षोल्लास एवं विधि-विधान के साथ सम्पन्न हुआ। समारोह में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देते हुए उनके सुखमय एवं मंगलमय दांपत्य जीवन की कामना की।
बरियावन स्थित पैराडाइज गार्डन में आयोजित समारोह में एमएलसी हरिओम पांडेय, जिला पंचायत प्रशासक श्याम सुंदर वर्मा, जिलाधिकारी ईशा प्रिया, टांडा की पूर्व विधायक संजू देवी और भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष कपिल देव वर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में 54 जोड़ों का विवाह संपन्न कराया गया। इसमें विकास खंड रामनगर, टांडा, बसखारी तथा नगर पंचायत इल्तिफातगंज, अशरफपुर किछौछा और नगर पालिका परिषद टांडा के लाभार्थी शामिल रहे।
समारोह वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार सम्पन्न हुआ और प्रत्येक जोड़े पर एक लाख रुपये व्यय का प्रावधान था। इस कार्यक्रम के दौरान सभी विवाहों में पारंपरिक संस्कारों के साथ-साथ आधुनिक सुविधाएँ भी उपलब्ध कराई गईं।
जनपद के अधिकारियों ने कहा कि इस योजना के तहत सामूहिक विवाह से समाज में विवाह के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और आर्थिक बोझ कम होगा। उन्होंने सभी नवविवाहितों को भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दीं।
बरियावन स्थित पैराडाइज गार्डन में आयोजित समारोह में एमएलसी हरिओम पांडेय, जिला पंचायत प्रशासक श्याम सुंदर वर्मा, जिलाधिकारी ईशा प्रिया, टांडा की पूर्व विधायक संजू देवी और भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष कपिल देव वर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में 54 जोड़ों का विवाह संपन्न कराया गया। इसमें विकास खंड रामनगर, टांडा, बसखारी तथा नगर पंचायत इल्तिफातगंज, अशरफपुर किछौछा और नगर पालिका परिषद टांडा के लाभार्थी शामिल रहे।
समारोह वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार सम्पन्न हुआ और प्रत्येक जोड़े पर एक लाख रुपये व्यय का प्रावधान था। इस कार्यक्रम के दौरान सभी विवाहों में पारंपरिक संस्कारों के साथ-साथ आधुनिक सुविधाएँ भी उपलब्ध कराई गईं।
जनपद के अधिकारियों ने कहा कि इस योजना के तहत सामूहिक विवाह से समाज में विवाह के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और आर्थिक बोझ कम होगा। उन्होंने सभी नवविवाहितों को भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दीं।