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अपराध
अल्लाहाबाद हाई कोर्ट ने यूपी डीजीपी को पासपोर्ट सत्यापन रिपोर्ट अपडेट करने का निर्देश दिया
✍️ Live Law
🗓 28 अक्टू. 2026, 11:03 AM
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अल्लाहाबाद हाई कोर्ट ने यूपी के डीजीपी को पासपोर्ट सत्यापन रिपोर्ट में वर्तमान स्थिति दर्शाने का आदेश दिया, जिससे प्रक्रिया में त्रुटियों को रोका जा सके।
अल्लाहाबाद हाई कोर्ट ने उत्तर प्रदेश के डायरेक्टर जनरल ऑफ़ पुलिस (डीजीपी) को निर्देश दिया है कि सभी पासपोर्ट सत्यापन रिपोर्टों में आवेदक की वर्तमान स्थिति को सही‑सही दर्शाया जाए। यह आदेश उन चिंताओं के बाद आया है, जिनमें पुरानी या गलत जानकारी के कारण पासपोर्ट जारी करने और सुरक्षा मंजूरी में बाधाएँ उत्पन्न हो रही थीं।
अदालत ने पुलिस रिकॉर्ड और विदेश मामलों के मंत्रालय के पासपोर्ट डेटाबेस के बीच वास्तविक‑समय डेटा समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया। डीजीपी को एक व्यवस्थित समीक्षा करने और किसी भी व्यक्ति के कानूनी या आपराधिक स्थिति में बदलाव को तुरंत रिपोर्ट में प्रतिबिंबित करने का आदेश दिया गया है।
कोर्ट ने राज्य पुलिस को नियमित अनुपालन रिपोर्ट भी प्रस्तुत करने को कहा है, जिससे कार्यान्वयन की निगरानी judicial स्तर पर हो सके। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय कानून‑प्रवर्तन एजेंसियों की निगरानी में न्यायपालिका की भूमिका को सुदृढ़ करता है।
यात्रा एजेंसियों और आवेदकों सहित कई हितधारकों ने इस कदम का स्वागत किया है, क्योंकि इससे प्रक्रिया में सुगमता और देरी में कमी की उम्मीद है। डीजीपी कार्यालय ने बताया कि अगले दो हफ्तों के भीतर कार्यविधियों को संशोधित किया जाएगा ताकि कोर्ट के आदेश के अनुरूप हो सके।
यह आदेश भारत में पुलिस‑संबंधित सेवाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा देने के व्यापक प्रयास को रेखांकित करता है, विशेषकर नागरिक दस्तावेज़ीकरण और सुरक्षा से जुड़े मामलों में।
अदालत ने पुलिस रिकॉर्ड और विदेश मामलों के मंत्रालय के पासपोर्ट डेटाबेस के बीच वास्तविक‑समय डेटा समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया। डीजीपी को एक व्यवस्थित समीक्षा करने और किसी भी व्यक्ति के कानूनी या आपराधिक स्थिति में बदलाव को तुरंत रिपोर्ट में प्रतिबिंबित करने का आदेश दिया गया है।
कोर्ट ने राज्य पुलिस को नियमित अनुपालन रिपोर्ट भी प्रस्तुत करने को कहा है, जिससे कार्यान्वयन की निगरानी judicial स्तर पर हो सके। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय कानून‑प्रवर्तन एजेंसियों की निगरानी में न्यायपालिका की भूमिका को सुदृढ़ करता है।
यात्रा एजेंसियों और आवेदकों सहित कई हितधारकों ने इस कदम का स्वागत किया है, क्योंकि इससे प्रक्रिया में सुगमता और देरी में कमी की उम्मीद है। डीजीपी कार्यालय ने बताया कि अगले दो हफ्तों के भीतर कार्यविधियों को संशोधित किया जाएगा ताकि कोर्ट के आदेश के अनुरूप हो सके।
यह आदेश भारत में पुलिस‑संबंधित सेवाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा देने के व्यापक प्रयास को रेखांकित करता है, विशेषकर नागरिक दस्तावेज़ीकरण और सुरक्षा से जुड़े मामलों में।