📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Prince Roy
टेक्नोलॉजी
सभी भारतीय पुलिस थानों को मिला राष्ट्रीय फिंगरप्रिंट मिलान अधिकार
✍️ The Times of India
🗓 10 सित. 2026, 12:07 AM
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गृह मंत्रालय ने सभी पुलिस थानों को राष्ट्रीय फिंगरप्रिंट डेटाबेस तक पहुँच प्रदान की, जिससे पूरे भारत में तुरंत पहचान संभव होगी।
नई दिल्ली – गृह मंत्रालय ने घोषणा की कि अब सभी भारतीय पुलिस थानों को एकीकृत राष्ट्रीय फिंगरप्रिंट मिलान प्रणाली से जोड़ा जाएगा। यह कदम अपराध जांच को तेज़ करने के लिए है, जिससे अधिकारी किसी भी थाने पर फिंगरप्रिंट स्कैन कर तुरंत पहचान कर सकेंगे, बिना क्षेत्रीय केंद्रों की यात्रा किए।
यह प्रणाली मौजूदा ऑटोमेटेड फिंगरप्रिंट आइडेंटिफिकेशन सिस्टम (AFIS) पर आधारित है, जिसमें अपराध स्थल, गिरफ्तारी रिकॉर्ड और प्रवास डेटा को एक ही डेटाबेस में समाहित किया गया है। जब किसी संदिग्ध के निशान को थाने में स्कैन किया जाता है, तो सॉफ़्टवेयर सेकंडों में लाखों रिकॉर्ड्स के साथ मिलान कर परिणाम देता है, जिससे पहचान और सबूत की पुष्टि तेज़ होती है।
अधिकारी बताते हैं कि इस कार्यान्वयन से विशेषकर ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में पुलिस की क्षमता में उल्लेखनीय सुधार होगा। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि सुलझे हुए मामलों की संख्या में वृद्धि और आपराधिक फाइलों की तेज़ प्रोसेसिंग की उम्मीद है, साथ ही नागरिकों की गोपनीयता की रक्षा के लिए डेटा सुरक्षा प्रोटोकॉल कड़ाई से लागू किए जाएंगे।
यह प्रणाली मौजूदा ऑटोमेटेड फिंगरप्रिंट आइडेंटिफिकेशन सिस्टम (AFIS) पर आधारित है, जिसमें अपराध स्थल, गिरफ्तारी रिकॉर्ड और प्रवास डेटा को एक ही डेटाबेस में समाहित किया गया है। जब किसी संदिग्ध के निशान को थाने में स्कैन किया जाता है, तो सॉफ़्टवेयर सेकंडों में लाखों रिकॉर्ड्स के साथ मिलान कर परिणाम देता है, जिससे पहचान और सबूत की पुष्टि तेज़ होती है।
अधिकारी बताते हैं कि इस कार्यान्वयन से विशेषकर ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में पुलिस की क्षमता में उल्लेखनीय सुधार होगा। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि सुलझे हुए मामलों की संख्या में वृद्धि और आपराधिक फाइलों की तेज़ प्रोसेसिंग की उम्मीद है, साथ ही नागरिकों की गोपनीयता की रक्षा के लिए डेटा सुरक्षा प्रोटोकॉल कड़ाई से लागू किए जाएंगे।