🔥 ट्रेंडिंग अरुणाचल का रूमी ताकी जीतता है प्रतिष्ठ... बरेली में PET परीक्षा में महिलाओं से ग... हिमालयी बांध परियोजना को लेकर अरुणाचल... जम्मू-कश्मीर मैराथन: ओमर अब्दुल्ला ने... जम्मू-कश्मीर की स्टार्ट‑अप इकोसिस्टम न... ग़ुलाम नबी आजाद: पाकिस्तान कभी कश्मीर...
26 अक्टू. 2026•
ગુજરાતી मराठी ਪੰਜਾਬੀ বাংলা
हरियाणा के सभी शहरों ने 2019 से वार्षिक PM10 मानक तोड़ा
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Prami.ap90
स्वास्थ्य

हरियाणा के सभी शहरों ने 2019 से वार्षिक PM10 मानक तोड़ा

✍️ The Times of India 🗓 26 अक्टू. 2026, 06:36 AM 👁 19
शेयर करें: 💬 WhatsApp 📘 Facebook 𝕏 Post

हिंदुस्तान टाइम्स के अनुसार, 2019 से हरियाणा के सभी शहरों में वार्षिक PM10 सीमा लगातार पार की गई है।

हिंदुस्तान टाइम्स ने बताया कि हरियाणा के सभी शहरों में राष्ट्रीय वायु गुणवत्ता मानक के तहत निर्धारित PM10 की वार्षिक सीमा लगातार उल्लंघित हो रही है। राज्य के प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा संचालित निरंतर मॉनिटरिंग स्टेशनों के आंकड़ों के अनुसार, 2019 से 2023 तक प्रत्येक वर्ष PM10 का औसत स्तर 60 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर की अनुमत सीमा से अधिक रहा है।

पाँच वर्षों में किसी भी शहर ने इस मानक को प्राप्त नहीं किया। सर्दियों में तापीय उलटाव के कारण प्रदूषकों के जमाव से स्तर और अधिक बढ़ जाता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि लगातार उच्च PM10 स्तर श्वसन रोगों को बढ़ा सकता है, हृदय संबंधी जोखिम को ऊँचा कर सकता है और जीवन प्रत्याशा को घटा सकता है। केंद्र और राज्य सरकार ने पहले औद्योगिक उत्सर्जन को कड़ा करने, हरियाणा में हरित आवरण बढ़ाने और स्वच्छ ईंधन को प्रोत्साहित करने का वादा किया था, परन्तु नवीनतम आँकड़े दर्शाते हैं कि कार्यान्वयन अभी भी असमान है।

आगामी विधानसभा सत्र में अधिकारियों से अपेक्षा है कि वे एक विस्तृत कार्य योजना प्रस्तुत करेंगे, जिसमें औद्योगिक उत्सर्जन नियमों की सख्त निगरानी और वायु गुणवत्ता मॉनिटरिंग बुनियादी ढाँचे का तेज़ी से विस्तार शामिल होगा।
📲Get App