📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Stalinjeet
धर्म
बंदी सिखों की रिहाई के लिए 27 और 29 अगस्त को अखंड पाठ और अरदास का आयोजन
✍️ Amar Ujala · Amritsar
🗓 24 अग. 2026, 04:37 PM
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अमृतसर में समुदाय के नेताओं ने 27 और 29 अगस्त को बंदी सिखों की रिहाई के लिए अखंड पाठ और अरदास का आयोजन करने की घोषणा की है।
अमृतसर में 27 और 29 अगस्त को दो दिन तक अखंड पाठ का आयोजन किया जाएगा, जिसमें गुरु ग्रंथ साहिब का निरंतर पाठ होगा। यह धार्मिक कार्यक्रम स्थानीय सिख समुदाय के समूहों द्वारा बंदी सिखों की रिहाई की कामना में आयोजित किया जा रहा है।
आयोजकों ने बताया कि निर्धारित तिथियों पर सत्र सुबह से शुरू होगा और स्वयंसेवकों द्वारा बिना रुके शास्त्र का पाठ किया जाएगा, साथ ही संपूर्ण सभा से अरदास भी की जाएगी। यह पहल सिख कैदियों की स्थिति को लेकर समुदाय की गहरी चिंता को दर्शाती है और उनके अधिकारों पर सार्वजनिक ध्यान आकर्षित करने का प्रयास है।
प्राधिकरणों ने इस कार्यक्रम पर अभी तक कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं दी है, परन्तु उम्मीद है कि इस आयोजन में क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में भक्त और समर्थक भाग लेंगे।
अखंड पाठ सिख धर्म में आध्यात्मिक महत्व रखता है और संकट के समय में अक्सर इसे दिव्य सहायता और एकजुटता के प्रतीक के रूप में किया जाता है।
आयोजक आशा करते हैं कि इस प्रतीकात्मक कार्य के बाद संबंधित एजेंसियों को बंदी सिखों की रिहाई पर विचार करने का दबाव महसूस होगा।
आयोजकों ने बताया कि निर्धारित तिथियों पर सत्र सुबह से शुरू होगा और स्वयंसेवकों द्वारा बिना रुके शास्त्र का पाठ किया जाएगा, साथ ही संपूर्ण सभा से अरदास भी की जाएगी। यह पहल सिख कैदियों की स्थिति को लेकर समुदाय की गहरी चिंता को दर्शाती है और उनके अधिकारों पर सार्वजनिक ध्यान आकर्षित करने का प्रयास है।
प्राधिकरणों ने इस कार्यक्रम पर अभी तक कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं दी है, परन्तु उम्मीद है कि इस आयोजन में क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में भक्त और समर्थक भाग लेंगे।
अखंड पाठ सिख धर्म में आध्यात्मिक महत्व रखता है और संकट के समय में अक्सर इसे दिव्य सहायता और एकजुटता के प्रतीक के रूप में किया जाता है।
आयोजक आशा करते हैं कि इस प्रतीकात्मक कार्य के बाद संबंधित एजेंसियों को बंदी सिखों की रिहाई पर विचार करने का दबाव महसूस होगा।