अखिल भारतीय गोंड महासभा की पीपी कमैचा ब्लॉक कार्यकारिणी गठित,समाज की समस्याओं पर उठी आवाज
चांदा, सुलतानपुर। प्रतापपुर कमैचा ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम सभा कोथरा खुर्द स्थित मनकामेश्वर धाम शिव मंदिर में रविवार को अखिल भारतीय गोंड महासभा की बैठक आयोजित की गई। इसमें संगठन को मजबूत बनाने के उद्देश्य से पीपी कमैचा ब्लॉक कार्यकारिणी का गठन कर विभिन्न पदों पर पदाधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई।
बैठक में महासभा के जिलाध्यक्ष बाबूलाल धुरिया ने समाज की समस्याओं को उठाते हुए कहा कि गोंड समाज के लोगों को सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का समुचित लाभ नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि निचले स्तर पर कार्यरत कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों की वजह से पात्र लोग सरकारी लाभ से वंचित रह जाते हैं। उन्होंने सरकार के कार्यों की सराहना करते हुए जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक के कार्यों की भी प्रशंसा की, लेकिन अधीनस्थ स्तर पर कार्यप्रणाली में सुधार की आवश्यकता जताई।
बाबूलाल धुरिया ने कहा कि समाज के लोगों को रास्ते, शिक्षा और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि समाज की आबादी अधिक होने के बावजूद उसे अपेक्षित सुविधाएं क्यों नहीं मिल रही हैं। उन्होंने पीले गमछे को गोंड समाज की पहचान बताते हुए कहा कि इसकी पहचान अलग है। मंत्री ओमप्रकाश राजभर की पार्टी से पीले गमछे के जुड़ाव के सवाल पर उन्होंने दोनों की पहचान अलग-अलग बताई।
महासभा के कोषाध्यक्ष उमेश गोंड ने भी समाज की समस्याओं और अधिकारों से जुड़ी बातें रखीं। बैठक में संगठन के विस्तार, सामाजिक एकजुटता और समुदाय के हितों की रक्षा पर जोर दिया गया। कार्यकारिणी गठन को क्षेत्र में संगठनात्मक गतिविधियों को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
बैठक में महासभा के जिलाध्यक्ष बाबूलाल धुरिया ने समाज की समस्याओं को उठाते हुए कहा कि गोंड समाज के लोगों को सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का समुचित लाभ नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि निचले स्तर पर कार्यरत कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों की वजह से पात्र लोग सरकारी लाभ से वंचित रह जाते हैं। उन्होंने सरकार के कार्यों की सराहना करते हुए जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक के कार्यों की भी प्रशंसा की, लेकिन अधीनस्थ स्तर पर कार्यप्रणाली में सुधार की आवश्यकता जताई।
बाबूलाल धुरिया ने कहा कि समाज के लोगों को रास्ते, शिक्षा और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि समाज की आबादी अधिक होने के बावजूद उसे अपेक्षित सुविधाएं क्यों नहीं मिल रही हैं। उन्होंने पीले गमछे को गोंड समाज की पहचान बताते हुए कहा कि इसकी पहचान अलग है। मंत्री ओमप्रकाश राजभर की पार्टी से पीले गमछे के जुड़ाव के सवाल पर उन्होंने दोनों की पहचान अलग-अलग बताई।
महासभा के कोषाध्यक्ष उमेश गोंड ने भी समाज की समस्याओं और अधिकारों से जुड़ी बातें रखीं। बैठक में संगठन के विस्तार, सामाजिक एकजुटता और समुदाय के हितों की रक्षा पर जोर दिया गया। कार्यकारिणी गठन को क्षेत्र में संगठनात्मक गतिविधियों को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।