📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Harvinder Chandigarh
राजनीति
अकाली दल ने वादा किया: सरकार बने तो उद्योगों को 5 रुपये/यूनिट बिजली
✍️ Amar Ujala · Punjab
🗓 31 अक्टू. 2026, 11:35 AM
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शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर बादल ने घोषणा की कि यदि दल सरकार बनाता है तो उद्योगों को 5 रुपये प्रति यूनिट बिजली मिलेगी।
शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर बादल ने हाल ही में पंजाब के एक चुनावी कार्यक्रम में एक प्रमुख वादा किया। उन्होंने कहा कि यदि दल सरकार बनाता है तो उद्योगों को पाँच रुपये प्रति यूनिट बिजली की दर पर बिजली उपलब्ध कराई जाएगी।
यह प्रस्ताव औद्योगिक क्षेत्र की उच्च बिजली कीमतों और बार-बार होने वाले लोड शेडिंग की समस्याओं को हल करने के उद्देश्य से दिया गया है। कम दर से उद्योगों को आकर्षित कर राज्य में निवेश बढ़ाने का लक्ष्य है।
बादल ने बताया कि यह नीति एक विशेष ढाँचे के अंतर्गत लागू की जाएगी, जिससे सरकार के कार्यकाल के दौरान यह दर स्थिर रहेगी। उन्होंने पार्टी की आर्थिक विकास और बुनियादी ढाँचे के सुधार के प्रति प्रतिबद्धता पर भी प्रकाश डाला।
इस घोषणा ने उद्योग जगत और विपक्षी दलों दोनों का ध्यान खींचा है, जो इसकी व्यवहार्यता और राज्य की वित्तीय स्थिति पर पड़ने वाले प्रभाव का आकलन कर रहे हैं। चुनावी अभियान तेज़ी से चल रहा है और SAD का यह वादा मतदाताओं के बीच चर्चा का विषय बन गया है।
पंजाब के प्रतिस्पर्धी राजनीतिक परिदृश्य में यह कदम व्यापार समुदायों के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए एक रणनीतिक चाल के रूप में देखा जा रहा है।
यह प्रस्ताव औद्योगिक क्षेत्र की उच्च बिजली कीमतों और बार-बार होने वाले लोड शेडिंग की समस्याओं को हल करने के उद्देश्य से दिया गया है। कम दर से उद्योगों को आकर्षित कर राज्य में निवेश बढ़ाने का लक्ष्य है।
बादल ने बताया कि यह नीति एक विशेष ढाँचे के अंतर्गत लागू की जाएगी, जिससे सरकार के कार्यकाल के दौरान यह दर स्थिर रहेगी। उन्होंने पार्टी की आर्थिक विकास और बुनियादी ढाँचे के सुधार के प्रति प्रतिबद्धता पर भी प्रकाश डाला।
इस घोषणा ने उद्योग जगत और विपक्षी दलों दोनों का ध्यान खींचा है, जो इसकी व्यवहार्यता और राज्य की वित्तीय स्थिति पर पड़ने वाले प्रभाव का आकलन कर रहे हैं। चुनावी अभियान तेज़ी से चल रहा है और SAD का यह वादा मतदाताओं के बीच चर्चा का विषय बन गया है।
पंजाब के प्रतिस्पर्धी राजनीतिक परिदृश्य में यह कदम व्यापार समुदायों के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए एक रणनीतिक चाल के रूप में देखा जा रहा है।