📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Jasleen Kaur
राजनीति
अकाल तख्त ने पंजाब के सीएम भगवंत मान को ‘गुरु दोखी’ कहा, दो एसजीपीसी सदस्यों को बैठकों से रोका
✍️ Amar Ujala · Punjab
🗓 30 सित. 2026, 01:01 PM
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15 जून को अकाल तख्त ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को ‘गुरु दोखी’ और ‘खालसा पंथ विरोधी’ घोषित किया, दो एसजीपीसी सदस्यों से स्पष्टीकरण मांगा और उन्हें बैठकों में भाग लेने से रोका।
अकाल तख्त, जो सिख धर्म का सर्वोच्च धार्मिक निकाय है, ने 15 जून को पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को “गुरु दोखी” और “खालसा पंथ विरोधी” घोषित किया। स्वर्ण मंदिर परिसर से जारी इस बयान में मान को सिख सिद्धांतों के प्रति धोखा देने और खालसा पंथ के विरोधी बताने का आरोप लगाया गया।
इसी घोषणा में दो एसजीपीसी सदस्यों को अपने हालिया कार्यों के स्पष्टीकरण के लिए बुलाया गया और उन्हें आगे के किसी भी आधिकारिक बैठक में भाग लेने से रोक दिया गया। यह मांग धार्मिक निकाय द्वारा राजनीतिक हस्तियों की जांच को दर्शाती है।
इस निर्णय पर पंजाब के विभिन्न राजनीतिक दलों ने प्रतिक्रिया दी है; विपक्षी पार्टियों ने साम्प्रदायिक तनाव बढ़ने की चेतावनी दी है, जबकि सत्ता में रहने वाली आम आदमी पार्टी ने अभी तक आधिकारिक टिप्पणी नहीं दी। यह कदम राज्य राजनीति में धार्मिक संस्थानों की भूमिका को फिर से उजागर करता है।
इसी घोषणा में दो एसजीपीसी सदस्यों को अपने हालिया कार्यों के स्पष्टीकरण के लिए बुलाया गया और उन्हें आगे के किसी भी आधिकारिक बैठक में भाग लेने से रोक दिया गया। यह मांग धार्मिक निकाय द्वारा राजनीतिक हस्तियों की जांच को दर्शाती है।
इस निर्णय पर पंजाब के विभिन्न राजनीतिक दलों ने प्रतिक्रिया दी है; विपक्षी पार्टियों ने साम्प्रदायिक तनाव बढ़ने की चेतावनी दी है, जबकि सत्ता में रहने वाली आम आदमी पार्टी ने अभी तक आधिकारिक टिप्पणी नहीं दी। यह कदम राज्य राजनीति में धार्मिक संस्थानों की भूमिका को फिर से उजागर करता है।