📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Internet Archive Book Images
राजनीति
अजमेर वार्ड 12: कांग्रेस की पूजा टाक बनाम भाजपा की रंजना सोनी का तीव्र मुकाबला
✍️ Amar Ujala · Rajasthan
🗓 09 सित. 2026, 04:47 PM
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अजमेर नगर निगम चुनाव में वार्ड 12 कांग्रेस की पूजा टाक और भाजपा की रंजना सोनी के बीच मुख्य मुकाबला बन गया है, जहाँ मतदाता बुनियादी सुविधाओं को प्रमुख मुद्दा मान रहे हैं।
अजमेर नगर निगम चुनाव में वार्ड 12 सबसे अधिक चर्चा वाला सीट बन गया है। इस सीट पर कांग्रेस की पूजा टाक और भाजपा की रंजना सोनी आमने‑सामने हैं और दोनों ने इलाके में तीव्र प्रचार शुरू कर दिया है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इस चुनाव ने रोज़मर्रा की विकास संबंधी समस्याओं पर ध्यान केंद्रित किया है। उम्मीदवारों से सड़कों की स्थिति, नालियों की सफ़ाई, प्रकाश व्यवस्था और बिजली की विश्वसनीयता के बारे में लगातार सवाल किए जा रहे हैं। साफ‑सफ़ाई और कचरा प्रबंधन भी सार्वजनिक बैठकों में प्रमुख मुद्दे बन गए हैं।
दोनों पार्टियों ने जीतने पर तुरंत कार्यवाही करने का वादा किया है, जिसमें टूटी‑फूटी सड़कों की मरम्मत, जाम‑जाम नालियों की सफ़ाई, अतिरिक्त स्ट्रीट लाइट लगवाना और कचरा संग्रह की आवृत्ति बढ़ाना शामिल है। मतदाता यह देखना चाहते हैं कि कौन इन वादों को वास्तविक सुधारों में बदल सकता है।
मतदान इस महीने के अंत में निर्धारित है और वार्ड 12 का परिणाम अजमेर में पार्टी रणनीतियों को प्रभावित करने की संभावना रखता है। यह कड़ी प्रतिस्पर्धा राजस्थान के शहरी क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के महत्व को उजागर करती है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इस चुनाव ने रोज़मर्रा की विकास संबंधी समस्याओं पर ध्यान केंद्रित किया है। उम्मीदवारों से सड़कों की स्थिति, नालियों की सफ़ाई, प्रकाश व्यवस्था और बिजली की विश्वसनीयता के बारे में लगातार सवाल किए जा रहे हैं। साफ‑सफ़ाई और कचरा प्रबंधन भी सार्वजनिक बैठकों में प्रमुख मुद्दे बन गए हैं।
दोनों पार्टियों ने जीतने पर तुरंत कार्यवाही करने का वादा किया है, जिसमें टूटी‑फूटी सड़कों की मरम्मत, जाम‑जाम नालियों की सफ़ाई, अतिरिक्त स्ट्रीट लाइट लगवाना और कचरा संग्रह की आवृत्ति बढ़ाना शामिल है। मतदाता यह देखना चाहते हैं कि कौन इन वादों को वास्तविक सुधारों में बदल सकता है।
मतदान इस महीने के अंत में निर्धारित है और वार्ड 12 का परिणाम अजमेर में पार्टी रणनीतियों को प्रभावित करने की संभावना रखता है। यह कड़ी प्रतिस्पर्धा राजस्थान के शहरी क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के महत्व को उजागर करती है।