📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Unknown scribe
धर्म
अजमेर के सूफ़ी नेता दीवान नसीरुद्दीन चिश्ती ने फारूक अब्दुल्ला के पाकिस्तान‑कश्मीर टिप्पणी पर किया विरोध
✍️ Amar Ujala · Rajasthan
🗓 26 अक्टू. 2026, 02:31 PM
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अजमेर दरगाह के उत्तराधिकारी दीवान नसीरुद्दीन चिश्ती ने जम्मू‑कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला के पाकिस्तान को कश्मीर का अपराधी ठहराने वाले बयान पर आपत्ति जताई, सोच बदलने का आह्वान किया।
जम्मू‑कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने हाल ही में कहा कि पाकिस्तान कश्मीर मुद्दे का मुख्य कारण है।
अजमेर दरगाह के उत्तराधिकारी और ऑल इंडिया सूफ़ी काउंसिल के अध्यक्ष दीवान सैयद नसीरुद्दीन चिश्ती ने इस बयान पर तीखा विरोध जताया।
चिश्ती ने कहा कि यह टिप्पणी अनुचित है और लोगों को अपनी सोच बदलनी चाहिए, क्योंकि आध्यात्मिक एकता को राजनीतिक आरोपों से ऊपर उठना चाहिए।
यह प्रतिक्रिया राजस्थान के धार्मिक नेताओं में कश्मीर‑संबंधी मुद्दों की संवेदनशीलता को उजागर करती है।
अब तक फारूक अब्दुल्ला के कार्यालय से इस पर कोई आधिकारिक जवाब नहीं मिला है।
अजमेर दरगाह के उत्तराधिकारी और ऑल इंडिया सूफ़ी काउंसिल के अध्यक्ष दीवान सैयद नसीरुद्दीन चिश्ती ने इस बयान पर तीखा विरोध जताया।
चिश्ती ने कहा कि यह टिप्पणी अनुचित है और लोगों को अपनी सोच बदलनी चाहिए, क्योंकि आध्यात्मिक एकता को राजनीतिक आरोपों से ऊपर उठना चाहिए।
यह प्रतिक्रिया राजस्थान के धार्मिक नेताओं में कश्मीर‑संबंधी मुद्दों की संवेदनशीलता को उजागर करती है।
अब तक फारूक अब्दुल्ला के कार्यालय से इस पर कोई आधिकारिक जवाब नहीं मिला है।