ऐतिहासिक पहल: चुनाव से पहले भदड़िया ग्राम पंचायत ने पेश की एकता की मिसाल, दला राम मेघवाल को सर्वसम्मति से चुना सरपंच भदड़िया।
ऐतिहासिक पहल: चुनाव से पहले भदड़िया ग्राम पंचायत ने पेश की एकता की मिसाल, दला राम मेघवाल को सर्वसम्मति से चुना सरपंच
भदड़िया।
राजस्थान में पंचायती राज चुनावों का बिगुल बजने से पहले ही नवनिर्मित ग्राम पंचायत भदड़िया से सामाजिक सद्भाव, एकता और दूरदर्शिता की एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने पूरे प्रदेश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। ग्रामीणों ने चुनावी कड़वाहट, गुटबाजी और फिजूलखर्ची से दूर रहकर आपसी सहमति से गाँव का मुखिया चुनने का ऐतिहासिक फैसला लिया है।
36 कौम और हर समाज ने एकसुर में लिया फैसला
भदड़िया में आयोजित हुई सर्वजन बैठक में गाँव के सभी समाजों और 36 कौम के प्रबुद्ध जनों ने एकजुटता का परिचय देते हुए दला राम मेघवाल के नाम पर सहमति जताई। अनुसूचित जाति (SC) के लिए आरक्षित इस सीट पर ग्रामीणों ने बिना किसी विरोध के दला राम मेघवाल को गाँव का सरपंच स्वीकार कर लिया।
चुनावी रंजिश और फिजूलखर्ची पर लगेगा विराम
आमतौर पर पंचायती चुनाव आते ही गाँवों में धड़ेबाजी, आपसी मनमुटाव और भारी-भरकम चुनावी खर्च देखने को मिलता है। लेकिन भदड़िया गाँव ने इस परिपाटी को तोड़कर यह संदेश दिया है कि राजनीति से ऊपर उठकर गाँव का सर्वांगीण विकास ही सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए। ग्रामीणों के इस फैसले से न केवल समय और धन की बचत होगी, बल्कि भाईचारा और सामाजिक सौहार्द भी मजबूत बना रहेगा।
प्रशासनिक मुहर बाकी, पर गाँव में जश्न का माहौल
यद्यपि राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा नामांकन प्रक्रिया और आधिकारिक औपचारिकताओं के बाद ही कानूनी रूप से निर्विरोध निर्वाचन का प्रमाण पत्र सौंपा जाएगा, लेकिन सामाजिक और नैतिक स्तर पर ग्रामीणों ने दला राम मेघवाल को सरपंच के रूप में स्वीकार कर अपनी जिम्मेदारी निभा दी है।
अन्य पंचायतों के लिए बनी प्रेरणा
लोकतंत्र के इस सबसे छोटे पर्व में भदड़िया ग्राम पंचायत की यह सर्वसम्मत पहल राजस्थान की अन्य सभी ग्राम पंचायतों के लिए एक प्रेरणादायक नजीर बन गई है। क्षेत्र भर में ग्रामीणों के इस निर्णय की जमकर सराहना हो रही है।
भदड़िया।
राजस्थान में पंचायती राज चुनावों का बिगुल बजने से पहले ही नवनिर्मित ग्राम पंचायत भदड़िया से सामाजिक सद्भाव, एकता और दूरदर्शिता की एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने पूरे प्रदेश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। ग्रामीणों ने चुनावी कड़वाहट, गुटबाजी और फिजूलखर्ची से दूर रहकर आपसी सहमति से गाँव का मुखिया चुनने का ऐतिहासिक फैसला लिया है।
36 कौम और हर समाज ने एकसुर में लिया फैसला
भदड़िया में आयोजित हुई सर्वजन बैठक में गाँव के सभी समाजों और 36 कौम के प्रबुद्ध जनों ने एकजुटता का परिचय देते हुए दला राम मेघवाल के नाम पर सहमति जताई। अनुसूचित जाति (SC) के लिए आरक्षित इस सीट पर ग्रामीणों ने बिना किसी विरोध के दला राम मेघवाल को गाँव का सरपंच स्वीकार कर लिया।
चुनावी रंजिश और फिजूलखर्ची पर लगेगा विराम
आमतौर पर पंचायती चुनाव आते ही गाँवों में धड़ेबाजी, आपसी मनमुटाव और भारी-भरकम चुनावी खर्च देखने को मिलता है। लेकिन भदड़िया गाँव ने इस परिपाटी को तोड़कर यह संदेश दिया है कि राजनीति से ऊपर उठकर गाँव का सर्वांगीण विकास ही सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए। ग्रामीणों के इस फैसले से न केवल समय और धन की बचत होगी, बल्कि भाईचारा और सामाजिक सौहार्द भी मजबूत बना रहेगा।
प्रशासनिक मुहर बाकी, पर गाँव में जश्न का माहौल
यद्यपि राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा नामांकन प्रक्रिया और आधिकारिक औपचारिकताओं के बाद ही कानूनी रूप से निर्विरोध निर्वाचन का प्रमाण पत्र सौंपा जाएगा, लेकिन सामाजिक और नैतिक स्तर पर ग्रामीणों ने दला राम मेघवाल को सरपंच के रूप में स्वीकार कर अपनी जिम्मेदारी निभा दी है।
अन्य पंचायतों के लिए बनी प्रेरणा
लोकतंत्र के इस सबसे छोटे पर्व में भदड़िया ग्राम पंचायत की यह सर्वसम्मत पहल राजस्थान की अन्य सभी ग्राम पंचायतों के लिए एक प्रेरणादायक नजीर बन गई है। क्षेत्र भर में ग्रामीणों के इस निर्णय की जमकर सराहना हो रही है।